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InvestUP के पुनर्गठन प्रस्ताव को स्वीकृति

#UPCM Yogi Adityanath ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आहूत InvestUP की शासी निकाय की पहली बैठक में प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

InvestUP के पुनर्गठन प्रस्ताव को स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने InvestUP के पुनर्गठन प्रस्ताव को स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही, मुम्बई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जाए।

पुनर्गठन का उद्देश्य Invest UP को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केन्द्रित संस्था के रूप में विकसित करना है। बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई है। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (अपर जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे नया ढांचा Invest UP को ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में सशक्त बनाएगा, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगा। इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए और प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो, ताकि निवेश संवर्धन की दिशा में समन्वित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित हो सके

#UPCM Yogi Adityanath को अवगत कराया गया कि विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियां स्थापित हुईं, जिससे इनकी कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुंच गई है। वर्ष 2022-23 तक प्रतिवर्ष औसतन 500 नई इकाइयां स्थापित हो रही थीं, जिसमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसपर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बड़ी संख्या में नई औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश अब नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है।

निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है, जिससे 30 प्रतिशत तक प्रक्रिया समय और 50 प्रतिशत तक दस्तावेजी औपचारिकताओं में कमी आएगी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जा रही हैं, जो निवेशकों के अनुभव को और अधिक सुगम बनाएंगी

#UPCM Yogi Adityanath ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि वे मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और स्वीकृत परियोजनाओं की ‘लेटर्स ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें। नीति के अनुरूप देय इन्सेन्टिव बिना किसी बाधा के समय पर वितरित किए जाएं तथा इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलॉज को और अधिक व्यावहारिक एवं निवेशक हितैषी बनाया जाए।

#UPCM Yogi Adityanath को अवगत कराया गया कि फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वैश्विक मंचों पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को और सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक कंट्री डेस्क ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करे। औद्योगिक क्षेत्रों में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था हो, ताकि निवेशक और उद्यमी निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधीन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए। 

मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी नियमित रूप से निवेशकों/उद्यमियों से संवाद करें, उनकी अपेक्षाओं और समस्याओं का यथोचित समाधान सुनिश्चित करें तथा आवश्यकतानुसार शासन को अवगत कराएं

दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक

#UPCM Yogi Adityanath ने जनपद लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि UP Govt का उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र विकसित किए जाएं, जहां दिव्यांग व्यक्तियों को चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता एक ही स्थान पर मिल सके। सरकार ‘सेवा, संवेदना और सम्मान’ के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है।

UP Govt का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र बनकर न रहें, बल्कि आत्मनिर्भर और योगदानकारी नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में शामिल हों जिन जनपदों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उनकी सेवाओं को और सशक्त करते हुए मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किए जाएं।

जहां केंद्र नहीं हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित किया जाए ताकि चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इनका सहज समन्वय बन सके। यदि सरकारी अस्पताल में स्थान पर्याप्त नहीं है तो अलग भवन की व्यवस्था की जाए वर्तमान में प्रदेश के 37 जनपदों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं, इनमें 11 मंडल मुख्यालयों पर हैं।

इन केंद्रों में तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल को सुदृढ़ किया जाए। प्रत्येक केंद्र में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, प्रॉस्थेटिस्ट, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण, और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाए ताकि सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे

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