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Next Gen Leaders from the Ambani Family

Next Gen Leaders from the Ambani Family after Jio Platforms' blockbuster debut on stock exchanges on 28th October 2026

From Left to Right:

Ashish Kumar Chauhan, MD&CEO, National Stock Exchange, Shloka Ambani, Akash Ambani, MD, Jio Platforms, Anant Ambani, Isha Ambani, Anand Piramal

Next Gen Leaders from the Ambani Family

Four Generations of Ambani Family at the Listing Ceremony of Jio Platforms Limited in Mumbai on 28th October 2026:

From Left to Right-

Ashishkumar Chauhan, MD&CEO, National Stock Exchange, Anand Piramal, Nita Ambani, Mukesh Ambani, Isha Ambani, Akash Ambani, Anant Ambani, Shloka Ambani, Kokilaben Ambani

With Prithvi, Aadiya, Krishna and Veda

Jio now has India’s largest Shareholder Base


ग्रे मार्केट के संकेतों पर जियो की वैल्यूएशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंचने की संभावना

लिस्ट होते ही मार्केट कैप में नंबर 2 बन सकती है जियो

• रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद मिल सकता है दूसरा स्थान, एयरटेल तीसरे नंबर पर खिसक सकती है

• ग्रे मार्केट के संकेतों पर जियो की वैल्यूएशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंचने की संभावना

• टॉप-5 से बाहर हो सकती है टाटा की TCS, अदाणी समूह की भी कोई कंपनी नहीं होगी शामिल

लिस्ट होते ही मार्केट कैप में नंबर 2 बन सकती है जियो • रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद मिल सकता है दूसरा स्थान, एयरटेल तीसरे नंबर पर खिसक सकती है  • ग्रे मार्केट के संकेतों पर जियो की वैल्यूएशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंचने की संभावना  • टॉप-5 से बाहर हो सकती है टाटा की TCS, अदाणी समूह की भी कोई कंपनी नहीं होगी शामिल

मुंबई, 27 अक्टूबर, 2026: बुधवार को शेयर बाजार में उतरते ही जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है। ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम के आधार पर जियो का मार्केट कैप करीब ₹12.61 लाख करोड़ पहुंच सकता है, जो भारती एयरटेल से लगभग ₹25,700 करोड़ ज्यादा होगा। इस तरह जियो मार्केट कैप के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हो सकती है। एयरटेल को पीछे छोड़ने के लिए जियो को करीब ₹1,342 या उससे अधिक के भाव पर लिस्ट होना होगा।

जियो IPO का इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर है। ग्रे मार्केट में इस पर करीब ₹245 से ₹255 तक के प्रीमियम के संकेत हैं। बीच का ₹250 प्रीमियम लेकर गणना करें तो संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹1,369 बैठता है। मंगलवार को NSE पर भारती एयरटेल का आखिरी ट्रेडेड भाव ₹1,978.80 रहा। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12.35 लाख करोड़ बैठता है।

ग्रे मार्केट के संकेत सही साबित हुए तो देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब ₹16.19 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले और जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे स्थान पर होंगी। इसके बाद भारती एयरटेल ₹12.35 लाख करोड़, HDFC बैंक ₹10.49 लाख करोड़ और ICICI बैंक ₹9.96 लाख करोड़ के साथ क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर होंगे। इस तरह टॉप-5 में रिलायंस समूह की दो कंपनियां शामिल हो सकती हैं। इस संभावित सूची में टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी दो कंपनियां, निजी क्षेत्र के दो बैंक और विविध कारोबार वाली एक कंपनी होगी। यह देश के शेयर बाजार में इन क्षेत्रों की अहमियत की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करेगी।

इस संभावित बदलाव की एक और खास बात है। टाटा समूह की प्रमुख IT कंपनी TCS, जो फिलहाल देश की पांच सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों में शामिल है, छठे स्थान पर खिसक सकती है। मंगलवार के शेयर भाव पर TCS का मार्केट कैप करीब ₹9.03 लाख करोड़ बैठता है। ऐसे में देश की टॉप-5 कंपनियों में टाटा या अदाणी समूह की कोई कंपनी नहीं होगी। अदाणी समूह की कोई कंपनी अभी भी इस सूची में शामिल नहीं है।

हालांकि जियो का वास्तविक लिस्टिंग प्राइस ग्रे मार्केट के संकेतों से अलग हो सकता है। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और इससे लिस्टिंग की निश्चित कीमत का पता नहीं चलता। बुधवार, 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मार्केट कैप के मामले में जियो किस स्थान पर पहुंचती है।

मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच बने कीरोन पोलार्ड

मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच बने कीरोन पोलार्ड

* MI के साथ 16 साल पुराना रिश्ता, खिलाड़ी और बैटिंग कोच के बाद अब हेड कोच की जिम्मेदारी

* नीता अंबानी बोलीं- पोलार्ड को मुंबई इंडियंस की संस्कृति और खेल की गहरी समझ

मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच बने कीरोन पोलार्ड

मुंबई, 24 अक्टूबर 2026: मुंबई इंडियंस ने अपने पूर्व खिलाड़ी और बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। पोलार्ड पिछले 16 वर्षों से मुंबई इंडियंस से जुड़े हैं। खिलाड़ी और फिर बैटिंग कोच के रूप में टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले पोलार्ड अब हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे।

मुंबई इंडियंस की को-ओनर नीता एम. अंबानी ने पोलार्ड की नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा, "पोलार्ड महज 22 साल की उम्र में मुंबई इंडियंस से जुड़े थे और पिछले 16 वर्षों में हमारे परिवार का अहम हिस्सा बन गए हैं। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने हमें कई यादगार पल दिए। कोच के तौर पर भी उन्होंने अपना अनुभव, जुनून और खेल की गहरी समझ टीम के साथ साझा की है। मुझे पूरा भरोसा है कि वह उसी समर्पण, विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी नई जिम्मेदारी निभाएंगे।"

हेड कोच बनाए जाने पर पोलार्ड ने नीता अंबानी, आकाश अंबानी और पूरे मुंबई इंडियंस परिवार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुंबई इंडियंस उनके जीवन और करियर का अहम हिस्सा रही है। अब उनका लक्ष्य टीम की शानदार विरासत को आगे बढ़ाना, युवा प्रतिभाओं को निखारना और प्रशंसकों को जश्न मनाने के और मौके देना है।

जियो IPO का विश्व रिकॉर्ड, 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन और 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन

जियो IPO का विश्व रिकॉर्ड, 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन और 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन

• एंकर सहित करीब ₹7.40 लाख करोड़ की बोलियां, निवेशकों की जबरदस्त मांग

• बड़े संस्थागत निवेशकों की QIB कैटेगरी 70 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब

• रिटेल में उपलब्ध शेयरों से 2.72 गुना मांग

जियो IPO का विश्व रिकॉर्ड, 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन और 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन

मुंबई, 23 अक्टूबर, 2026: देश के सबसे बड़े जियो IPO ने ऐतिहासिक क्लोजिंग के साथ विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO में तीन दिनों के दौरान 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए, जो दुनिया में किसी भी IPO को मिले अब तक के सबसे अधिक आवेदन हैं। शुक्रवार शाम 7 बजे बिडिंग बंद होने तक IPO 22 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। एंकर और गैर-एंकर निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹7.40 लाख करोड़ पहुंच गईं। इनमें गैर-एंकर निवेशकों से करीब ₹4.90 लाख करोड़ और एंकर निवेशकों से करीब ₹2.50 लाख करोड़ की मांग शामिल है।

जियो IPO में रिटेल निवेशकों के बीच भी शेयरों के लिए जबरदस्त होड़ रही। रिटेल कैटेगरी में करीब 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, लेकिन 23 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं। यानी उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना मांग रही। अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर कितने निवेशकों को शेयर मिल पाएंगे? हालांकि सब्सक्रिप्शन का यह अनुपात सीधे अलॉटमेंट की संभावना नहीं बताता। शेयरों का आवंटन वैध आवेदनों, न्यूनतम लॉट और लागू अलॉटमेंट प्रक्रिया के आधार पर होगा।

बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की कैटेगरी 70.55 गुना सब्सक्राइब हुई। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी 14 गुना, रिलायंस शेयरहोल्डर कोटा 7.60 गुना और कर्मचारी कोटा 2.93 गुना भर गया। अब निवेशकों की नजर शेयरों के अलॉटमेंट पर है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट तय होगा, 27 अक्टूबर को शेयर डीमैट खातों में क्रेडिट किए जाएंगे और 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स की BSE और NSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है।

आवेदनों की संख्या के मामले में भी जियो IPO ने पिछला रिकॉर्ड बड़े अंतर से तोड़ा है। इससे पहले सबसे ज्यादा आवेदन पाने का रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था। अक्टूबर 2024 में उसके IPO को 97.34 लाख आवेदन मिले थे। जियो को इससे करीब 42 फीसदी ज्यादा आवेदन मिले हैं। जियो IPO में पहले दिन करीब 30.5 लाख आवेदन आए थे, जबकि दूसरे दिन के अंत तक यह संख्या 75 लाख पार कर गई थी। तीसरे दिन आवेदनों की संख्या 1.38 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई।

जियो IPO की क्लोजिंग का दिन एक और वजह से खास रहा। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी का जन्मदिन भी था। इसी दिन दुनिया में सबसे ज्यादा आवेदन पाने वाले IPO की ऐतिहासिक बिडिंग पूरी हुई।

जियो IPO ने रचा इतिहास, पहली बार 1 करोड़ के पार पहुंचे आवेदन

जियो IPO ने रचा इतिहास, पहली बार 1 करोड़ के पार पहुंचे आवेदन

* आज आखिरी दिन, शाम 7 बजे तक खुली रहेगी बिडिंग

* Waaree Energies का 97.34 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड टूटा

* ₹30,213 करोड़ का जियो IPO 6.89 गुना सब्सक्राइब, QIB कैटेगरी 14.38 गुना भरी

जियो IPO ने रचा इतिहास, पहली बार 1 करोड़ के पार पहुंचे आवेदन  * आज आखिरी दिन, शाम 7 बजे तक खुली रहेगी बिडिंग  * Waaree Energies का 97.34 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड टूटा  * ₹30,213 करोड़ का जियो IPO 6.89 गुना सब्सक्राइब, QIB कैटेगरी 14.38 गुना भरी

मुंबई, 23 अक्टूबर, 2026: देश के सबसे बड़े जियो IPO ने एक और इतिहास रच दिया है। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में पहली बार किसी IPO में आवेदनों की संख्या 1 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO ने यह रिकॉर्ड शुक्रवार को तीसरे और अंतिम दिन बनाया। शुक्रवार 12 बजे तक केआंकड़ों के मुताबिक, IPO में अब तक 1,00,15,118 आवेदन आ चुके हैं। निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के बीच IPO कुल 6.89 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की कैटेगरी 14.38 गुना भर गई है।

इससे पहले सबसे ज्यादा आवेदन पाने का रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था। अक्टूबर 2024 में उसके IPO को 97.34 लाख आवेदन मिले थे। जियो ने अब यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जियो IPO में पहले दिन करीब 30.5 लाख आवेदन आए थे। दूसरे दिन के अंत तक यह संख्या 75 लाख पार कर गई और तीसरे दिन 1 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार हो गया।

जियो IPO में निवेशकों की मांग सभी प्रमुख कैटेगरी में मजबूत बनी हुई है। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी 9.38 गुना सब्सक्राइब हो चुकी है। रिटेल कैटेगरी 2.07 गुना, रिलायंस के कर्मचारियों का कोटा 2.48 गुना और शेयरहोल्डर कोटा 5.68 गुना भर चुका है। यानी सभी प्रमुख कैटेगरी पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुकी हैं।

जियो IPO 21 अक्टूबर को खुला था। पहले दिन ही इसे 3.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जो दूसरे दिन बढ़कर 5.57 गुना पहुंच गया। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आवेदन का अंतिम दिन है। शाम 7 बजे तक बिडिंग खुली रहेगी। ऐसे में निवेशकों के पास अभी भी आवेदन करने का मौका है। IPO को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया के बीच अंतिम आंकड़े आने तक सब्सक्रिप्शन और आवेदनों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

जियो IPO में दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी, 5.57 गुना सब्सक्राइब

जियो IPO में दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी, 5.57 गुना सब्सक्राइब

• दो दिन में 75 लाख से ज्यादा आवेदन, QIB कैटेगरी 13.29 गुना सब्सक्राइब

• एंकर सहित करीब ₹3.73 लाख करोड़ की बोलियां, गैर-एंकर निवेशकों से ₹1.23 लाख करोड़ की मांग

• रिटेल, कर्मचारी और शेयरहोल्डर समेत सभी प्रमुख कैटेगरी फुल, आवेदन के लिए सिर्फ एक दिन बाकी

जियो IPO में दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी, 5.57 गुना सब्सक्राइब

मुंबई, 22 अक्टूबर 2026: देश के सबसे बड़े जियो IPO में दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गुरुवार शाम 7 बजे तक जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का IPO 5.57 गुना सब्सक्राइब हो गया। दो दिनों में आवेदनों की संख्या 75 लाख पार कर गई। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की कैटेगरी 13.29 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल कैटेगरी भी 1.54 गुना भर गई।

जियो IPO के पहले दिन कुल सब्सक्रिप्शन 3.16 गुना था, जो दूसरे दिन बढ़कर 5.57 गुना पहुंच गया। गैर-एंकर निवेशकों के लिए उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 110 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं। इन बोलियों की कुल रकम करीब ₹1.23 लाख करोड़ रही। इससे पहले एंकर निवेशकों से भी करीब ₹2.50 लाख करोड़ की बोलियां मिली थीं। इस तरह एंकर और गैर-एंकर निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹3.73 लाख करोड़ पहुंच गई हैं।

जियो IPO में गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी 5.97 गुना सब्सक्राइब हुई। रिलायंस के कर्मचारियों का कोटा 2.10 गुना और शेयरहोल्डर कोटा 4.05 गुना भर गया। इस तरह IPO की सभी प्रमुख कैटेगरी पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुकी हैं।

दूसरे दिन खास तौर पर NII और रिलायंस शेयरहोल्डर कैटेगरी में मांग तेजी से बढ़ी। पहले दिन NII कैटेगरी 1.68 गुना और शेयरहोल्डर कोटा 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। दूसरे दिन ये आंकड़े बढ़कर क्रमशः 5.97 और 4.05 गुना पहुंच गए।

जियो IPO में निवेश के लिए अब सिर्फ एक दिन बाकी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आवेदन की अंतिम तारीख है। IPO कई गुना सब्सक्राइब होने के बावजूद निवेशकों के लिए आवेदन का मौका अभी खुला है। जो पात्र निवेशक अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे शुक्रवार तक आवेदन कर सकते हैं।

4 घंटे में 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ जियो IPO, 20 लाख के करीब पहुंचे आवेदन

4 घंटे में 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ जियो IPO, 20 लाख के करीब पहुंचे आवेदन

• देश के सबसे बड़े IPO में आवेदनों की झड़ी, निवेशकों का जबरदस्त उत्साह

• रिलायंस के कर्मचारियों का कोटा 100% भरा, शेयरहोल्डर कोटा भी 89% सब्सक्राइब

• बड़े संस्थागत निवेशकों की भारी डिमांड, QIB कैटेगरी 4.86 गुना सब्सक्राइब

4 घंटे में 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ जियो IPO, 20 लाख के करीब पहुंचे आवेदन

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: देश के सबसे बड़े जियो IPO में आवेदनों की झड़ी लग गई है। महज चार घंटों में ही जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का IPO 1.66 गुना सब्सक्राइब हो गया। बुधवार दोपहर 1 बजे तक करीब 20 लाख आवेदन आ चुके थे। बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ रिलायंस के कर्मचारियों और शेयरहोल्डर्स ने भी जबरदस्त उत्साह दिखाया। कर्मचारियों के लिए रिजर्व कोटा 100 फीसदी भर गया, जबकि रिलायंस शेयरहोल्डर्स का कोटा भी 89 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था।

जियो IPO में सबसे ज्यादा डिमांड बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की तरफ से देखने को मिली। दोपहर 1 बजे तक QIB कैटेगरी 4.86 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। वहीं रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में 49 फीसदी सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ। IPO में निवेश के लिए अभी 23 अक्टूबर तक का समय है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरहोल्डर्स के लिए जियो IPO में ₹2,500 करोड़ तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। वहीं कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक का कोटा है। पात्र रिलायंस शेयरहोल्डर्स रिटेल और शेयरहोल्डर, दोनों कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें शेयर आवंटन का एक अतिरिक्त अवसर मिलता है।

इससे पहले बुधवार सुबह जियो IPO ने महज 100 मिनट में 100 फीसदी सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा पार कर लिया था। एंकर निवेशकों के लिए रखे गए करीब ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले भी ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियां मिली थीं।

100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग

100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग

- जियो IPO पर निवेशकों की जबरदस्त डिमांड, QIB कैटेगरी 3.68 गुना सब्सक्राइब

- पहले ही दिन 10 लाख से ज्यादा आवेदन, एंकर निवेशकों से भी मिली थी 30 गुना से ज्यादा डिमांड

- रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2,500 करोड़ का रिजर्वेशन, शेयर मिलने का अतिरिक्त मौका

100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग  - जियो IPO पर निवेशकों की जबरदस्त डिमांड, QIB कैटेगरी 3.68 गुना सब्सक्राइब  - पहले ही दिन 10 लाख से ज्यादा आवेदन, एंकर निवेशकों से भी मिली थी 30 गुना से ज्यादा डिमांड  - रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2,500 करोड़ का रिजर्वेशन, शेयर मिलने का अतिरिक्त मौका

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: देश के सबसे बड़े ₹30,213 करोड़ के जियो IPO को निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया। बुधवार सुबह खुले जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को सिर्फ 100 मिनट में ही 100 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिल गया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक IPO 1.14 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 3.68 गुना भर गया है, जबकि कुल 10 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं। IPO निवेश के लिए 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

जियो के IPO को लेकर निवेशकों के उत्साह की झलक पहले ही मिल गई थी। एंकर निवेशकों के लिए रखे गए करीब ₹8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियां आई थीं। यानी 30 गुना से ज्यादा डिमांड। सबसे बड़ा एलोकेशन LIC को मिला, जो करीब ₹500 करोड़ का था।

जियो ने IPO के आकार में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले देश का सबसे बड़ा IPO हुंडई मोटर इंडिया का था, जिसका आकार ₹27,870 करोड़ था। जियो के IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है।

खास बात यह है कि IPO पूरा सब्सक्राइब होने के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरहोल्डर्स के पास शेयर पाने का एक अतिरिक्त मौका है। उनके लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर रिजर्व हैं। पात्र निवेशक शेयरहोल्डर और रिटेल, दोनों कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें शेयर मिलने का एक अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।

जियो आईपीओ ने बनाया रिकॉर्ड, एंकर इन्वेस्टर्स ने खेला ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव

जियो आईपीओ ने बनाया रिकॉर्ड, एंकर इन्वेस्टर्स ने खेला ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव

• ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा डिमांड

• भारतीय आईपीओ इतिहास में पहली बार इंस्टीट्यूशनल डिमांड ₹2.5 लाख करोड़ के पार

• एलआईसी से ब्लैकरॉक, फिडेलिटी, जीआईसी और देश के बड़े म्यूचुअल फंड तक ने जताया भरोसा  

• एलआईसी को सबसे अधिक 500 करोड़ का एलोकेशन 

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर दिग्गज निवेशकों ने बड़ा दांव खेला है। ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इंस्टीट्यूशनल डिमांड आई

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर दिग्गज निवेशकों ने बड़ा दांव खेला है। ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इंस्टीट्यूशनल डिमांड आई। यानी जितने शेयर एंकर निवेशकों के लिए रखे गए थे, उसके मुकाबले मांग 30 गुना से भी ज्यादा रही। भारतीय आईपीओ इतिहास में पहली बार किसी इश्यू की इंस्टीट्यूशनल डिमांड ने ₹2.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया है।

इस रिकॉर्ड डिमांड की एक और खास बात है, जियो पर भरोसा जताने वालों की लिस्ट। इनमें वे संस्थान शामिल हैं, जिनके पास आम निवेशक अपनी बचत और निवेश का बड़ा हिस्सा सौंपते हैं। एलआईसी के साथ एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और निप्पॉन म्यूचुअल फंड जैसे बड़े घरेलू नाम एंकर बुक में शामिल हुए। वहीं ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट और एलियांज जैसे ग्लोबल दिग्गजों ने भी भागीदारी की।

सिर्फ म्यूचुअल फंड ही नहीं, लंबी अवधि के निवेशक भी जियो के साथ खड़े दिखे। जीआईसी, एडीआईए, क्यूआईए और नॉर्गेस जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई पेंशन और यूटीआई पेंशन जैसे पेंशन फंड भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

एंकर बुक में 200 से ज्यादा निवेशक संस्थाओं और फंड स्कीमों की भागीदारी रही। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट्स ड्रैगोनियर, जैनस हेंडरसन और नाइंटी वन ने भी हिस्सा लिया। वहीं एनाम, प्रेमजी और एचसीएल जैसे भारतीय फैमिली ऑफिस भी जियो आईपीओ के एंकर निवेशकों में शामिल हुए।

आवंटन की बात करें तो एलआईसी को ₹500 करोड़ का सबसे बड़ा एलोकेशन मिला। ब्लैकरॉक, कैपिटल इंटरनेशनल, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, जीआईसी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और एसबीआई म्यूचुअल फंड को करीब ₹425-425 करोड़ का आवंटन किया गया। कुल एंकर बुक ₹8,110 करोड़ की रही।

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद

• भारत में बड़े पैमाने पर साबित टेक्नोलॉजी को अब दुनिया तक ले जाने की तैयारी

• विकसित देशों से लेकर एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका तक तलाशे जा रहे अवसर

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद  • भारत में बड़े पैमाने पर साबित टेक्नोलॉजी को अब दुनिया तक ले जाने की तैयारी  • विकसित देशों से लेकर एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका तक तलाशे जा रहे अवसर

मुंबई, 17 अक्टूबर 2026: जियो के आईपीओ से पहले देशभर से मुंबई में जुटे ब्रोकर्स से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के ग्लोबल प्लान का अब तक का सबसे ठोस संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में करीब 12 रणनीतिक साझेदारियों के जरिए जियो की टेक्नोलॉजी 150 करोड़ अतिरिक्त यूजर्स तक पहुंच सकती है। अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों से लेकर पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका तक जियो संभावनाएं देख रहा है।

जियो पहले भी अपने इंटरनेशनल बिजनेस और इन-हाउस विकसित टेक्नोलॉजी स्टैक को विदेशी बाजारों में ले जाने की बात करता रहा है। लेकिन अब पहली बार इस योजना का संभावित पैमाना सामने आया है। यानी ग्लोबल विस्तार की कहानी सिर्फ इरादे तक सीमित नहीं है। कंपनी अब संभावित साझेदारियों और उनसे जुड़ सकने वाले यूजर बेस को संख्या में देख रही है।

आकाश अंबानी के मुताबिक जियो का अवसर केवल उन देशों में नहीं है जहां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर है। अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित बाजारों में भी फाइबर रोलआउट की मौजूदा स्थिति कंपनी के लिए अवसर पैदा कर सकती है। इसके अलावा पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका भी संभावित बाजारों में शामिल हैं।

कंपनी का इरादा इन देशों में सीधे जाकर टेलीकॉम ऑपरेटर बनने का नहीं, बल्कि स्थानीय ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी कर अपना टेक्नोलॉजी स्टैक उपलब्ध कराने का है। जियो अपने इंटीग्रेटेड होम ब्रॉडबैंड स्टैक को ऐसे ही एक बड़े ग्लोबल अवसर के रूप में देखता है। आकाश ने कहा कि टेक्नोलॉजी बनाना और उसे बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक चलाना दो अलग क्षमताएं हैं—और जियो इन दोनों को भारत में साबित कर चुका है।

यही इस कहानी को जियो से आगे भारत के लिए भी महत्वपूर्ण बनाता है। भारत लंबे समय तक दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए विशाल यूजर मार्केट रहा है। अब जियो की कोशिश भारत में विकसित और भारत में करोड़ों लोगों के बीच scale की गई टेक्नोलॉजी को दुनिया के दूसरे बाजारों तक पहुंचाने की है। आकाश अंबानी पहले भी भारत के लिए टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की संभावना की बात कर चुके हैं।

इस ग्लोबल प्लान में होम ब्रॉडबैंड के अलावा 5G भी अहम हिस्सा हो सकता है। कंपनी अलग-अलग देशों की जरूरतों के मुताबिक अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग बाजार देख रही है।

अगर ये साझेदारियां आकार लेती हैं, तो जियो के लिए यह विदेशी बाजारों से कमाई का नया रास्ता होगा। साथ ही भारत के लिए इसका बड़ा संदेश यह होगा कि देश अब केवल टेक्नोलॉजी का बड़ा उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसे बनाने, बड़े पैमाने पर चलाने और दुनिया को देने वाला खिलाड़ी बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

IPO खुलने से पहले जियो पर ₹2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

IPO खुलने से पहले जियो पर ₹2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

• रिटेल निवेशकों के लिए प्री-बुकिंग शुरू, कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर कर सकते हैं प्री-अप्लाई

• बड़े घरेलू और ग्लोबल संस्थागत निवेशकों से ₹2.5 लाख करोड़ की शुरुआती मांग- मीडिया रिपोर्ट्स

• एंकर निवेशकों की बिडिंग 19 अक्टूबर को, आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा

IPO खुलने से पहले जियो पर ₹2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

मुंबई, 17 अक्टूबर 2026: जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलने से पहले ही निवेशकों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ रिटेल निवेशकों के लिए कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर प्री-बुकिंग यानी प्री-अप्लाई शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ बड़े बिजनेस मीडिया हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने जियो आईपीओ के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की शुरुआती मांग दिखाई है। यह करीब ₹30,200 करोड़ के पूरे आईपीओ साइज से आठ गुना से भी ज्यादा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियो आईपीओ के लिए आई करीब ₹2.5 लाख करोड़ की शुरुआती संस्थागत मांग में विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, बड़े म्यूचुअल फंड्स और बीमा कंपनियां शामिल हैं। हालांकि इसे अभी औपचारिक आईपीओ सब्सक्रिप्शन नहीं माना जा सकता। यह बड़े निवेशकों की शुरुआती मांग और अलॉटमेंट में दिलचस्पी का संकेत है।

अलॉटमेंट में दिलचस्पी दिखाने वाले बड़े निवेशकों में जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और कैपिटल ग्रुप के नाम सामने आए हैं। घरेलू निवेशकों में एलआईसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम बताए गए हैं।

इधर, रिटेल निवेशकों के लिए जियो आईपीओ की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर निवेशक अभी से अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। हालांकि यह औपचारिक सब्सक्रिप्शन नहीं है। प्री-अप्लाई में निवेशक पहले से अपना ऑर्डर दर्ज करता है, जिसे आईपीओ खुलने के बाद आगे प्रोसेस किया जाता है।

जियो आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है और न्यूनतम लॉट 12 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹13,428 की जरूरत होगी। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।

इससे पहले एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 19 अक्टूबर को होगी। इसके बाद तस्वीर साफ होगी कि अभी दिख रही भारी संस्थागत दिलचस्पी औपचारिक एंकर अलॉटमेंट और बाद में आईपीओ सब्सक्रिप्शन में किस स्तर तक बदलती है।

लखनऊ : मेटा के अलर्ट से पुलिस ने मात्र 10 मिनट में पहुंचकर युवक के प्राणों की रक्षा की

लखनऊ : मेटा के अलर्ट से पुलिस ने मात्र 10 मिनट में पहुंचकर युवक के प्राणों की रक्षा की

मेटा के अलर्ट से पुलिस मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर कमिश्नरेट लखनऊ पुलिस द्वारा मात्र 10 मिनट में 26 वर्षीय युवक के घर पहुंचकर उसके प्राणों की रक्षा की गयी

कमिश्नरेट लखनऊ, थाना सआदतगंज की पुलिस द्वारा मात्र 10 मिनट के अन्तराल में डिलीवरी बॉय के पास पहुंचकर उसके प्राणों की रक्षा की गयी।

दिनांक 15-10-2026 को कमिश्नरेट लखनऊ, थाना सआदतगंज के 26 वर्षीय युवक द्वारा अपनी पत्नी से विवाद के कारण उत्पन्न अवसाद में आत्महत्या सम्बन्धी वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया।

पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के निर्देशानुसार मुख्यालय द्वारा प्राप्त अलर्ट के आधार पर तत्काल पीड़ित की लोकेशन ट्रेस कर कमिश्नरेट लखनऊ को सूचित किया गया। 

लखनऊ : मेटा के अलर्ट से पुलिस ने मात्र 10 मिनट में पहुंचकर युवक के प्राणों की रक्षा की

दिनांक 01-01-2023 से 10-10-2026 के मध्य आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर प्राप्त अलर्ट का संज्ञान लेकर कुल 4071 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा चुकी है।

उत्तर प्रदेश पुलिस को मेटा सुसाइडल अलर्ट की नवीन पहल के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Award-2025 तथा The Economic Times GovTech Awards-2026 से सम्मानित किया गया है 

दिनांक 15-10-2026 को कमिश्नरेट लखनऊ थाना सआदतगंज निवासी 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय द्वारा “मैं बहुत परेशान हूँ, मेरी बीवी और उसके घरवाले मेरे ख़िलाफ़ हैं, यह कहते हुए, आत्महत्या सम्बन्धी वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। उक्त पोस्ट के संबंध में दिनांक 15-10-2026 को सायंकाल 03:51 PM पर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय, पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट प्राप्त हुआ, जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।

पुलिस महानिदेशक उ0प्र0, राजीव कृष्ण द्वारा उक्त अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। मेटा कंपनी द्वारा भेजे गए अलर्ट का संज्ञान लेते हुए मुख्यालय के सोशल मीडिया सेन्टर द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर तत्काल डिलीवरी बॉय की लोकेशन ज्ञात कर कमिश्नरेट लखनऊ को प्रकरण से अवगत कराया गया। 

मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना एवं लोकेशन के आधार पर क मिश्नरेट लखनऊ, थाना सआदतगंज के उप निरीक्षक योगेन्द्र कुमार, आरक्षी आशीष पाल व आरक्षी अवनीश कुमार युवक के घर पहुँचे तथा युवक द्वारा किए गए आत्महत्या सम्बन्धी पोस्ट से उसके परिजनों को अवगत कराकर उनको साथ लेकर मात्र 10 मिनट में पुलिस टीम युवक के पास पहुंच गई। युवक पुल पर खड़ा नदी की तरफ़ देख रहा था और कुछ बड़बड़ाते हुए रो रहा था। युवक को देखकर प्रतीत हो रहा था की उसका आशय नदी में कूदने का था । पुलिसकर्मियों द्वारा बिना समय गवाए युवक को मौके से हटाकर अलग ले जाया गया।

युवक के सामान्य स्थिति में आने पर पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करता है। युवक का अपनी पत्नी से तथा ससुराल वालों से विवाद चल रहा था जिस कारण वह मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अवसाद में आ गया था। इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए और उसने यह कदम उठाया। 

पुलिस द्वारा की गई काउंसलिंग में युवक ने भविष्य में ऐसा कोई कदम नही उठाने का आश्वासन दिया। युवक के परिजनों द्वारा पुलिस की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता एवं सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिसकर्मियों की सराहना की गयी ।

उत्तर प्रदेश पुलिस एवं मेटा कम्पनी के मध्य 2022 से प्रचलित व्यवस्था के अंतर्गत यदि कोई भी व्यक्ति फेसबुक अथवा इंस्टाग्राम पर आत्महत्या किए जाने से सम्बंधित पोस्ट करता है तो ऐसी पोस्ट के सम्बंध में मेटा कम्पनी द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को ई-मेल एवं फोन के माध्यम से अलर्ट भेजकर सूचित किया जाता है। दिनांक 0 1-01-2023 से 10-10-2026 के मध्य आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर प्राप्त अलर्ट का संज्ञान लेकर कुल 4071 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा चुकी है ।

जियो IPO पर एनालिस्ट्स बुलिश, लिस्टिंग पर 15-20% तक बढ़त की उम्मीद

जियो IPO पर एनालिस्ट्स बुलिश, लिस्टिंग पर 15-20% तक बढ़त की उम्मीद

· एमके रिसर्च ने दी ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग, ग्रोथ के मुकाबले वैल्यूएशन को माना वाजिब

· 5G पर भारी निवेश का दौर खत्म होने से कैश फ्लो मजबूत होने की उम्मीद

· जियो की अलग लिस्टिंग से RIL शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीद

जियो IPO पर एनालिस्ट्स बुलिश, लिस्टिंग पर 15-20% तक बढ़त की उम्मीद · एमके रिसर्च ने दी ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग, ग्रोथ के मुकाबले वैल्यूएशन को माना वाजिब  · 5G पर भारी निवेश का दौर खत्म होने से कैश फ्लो मजबूत होने की उम्मीद  · जियो की अलग लिस्टिंग से RIL शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीद

मुंबई, 16 अक्टूबर 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स का प्राइस बैंड सामने आने के बाद आई कई एनालिस्ट रिपोर्ट्स ने कंपनी के IPO को हरी झंडी दी है। मार्केट एक्सपर्ट्स को लिस्टिंग पर करीब 15 से 20% तक शुरुआती बढ़त की संभावना नजर आ रही है। हालांकि यह अनुमान है और वास्तविक लिस्टिंग बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।

16 अक्टूबर को जारी अपनी IPO नोट में एमके रिसर्च ने जियो IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी की मार्केट लीडरशिप, प्राइसिंग पावर, मजबूत एक्जीक्यूशन और आगे के ग्रोथ अवसरों को देखते हुए मौजूदा प्राइस बैंड वाजिब है।

इसी बीच, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने भी जियो IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसकी रिपोर्ट के मुताबिक FY26 की कमाई के आधार पर ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो का P/E करीब 33.3 गुना है, जबकि भारती एयरटेल का 40.7 गुना। यानी इस पैमाने पर स्वास्तिका जियो को एयरटेल के मुकाबले करीब 18% कम वैल्यूएशन पर देखता है। 

वहीं, एक अलग वैल्यूएशन आधार पर कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स ने जियो की कीमत उसकी कमाई के करीब 33.5 गुना और भारती एयरटेल की करीब 38.9 गुना आंकी है। इस हिसाब से जियो करीब 14% सस्ती दिखती है। हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी की आगे की कुछ ग्रोथ का असर मौजूदा कीमत में पहले से शामिल है।

एनालिस्ट्स के मुताबिक जियो के लिए एक बड़ी राहत यह है कि 5G नेटवर्क पर भारी निवेश का दौर अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। एमके रिसर्च का कहना है कि FY24 से FY26 के बीच कंपनी का पूंजीगत खर्च, रेवेन्यू के 48.8% से घटकर 23.3% रह गया। FY26 में कंपनी का फ्री कैश फ्लो करीब ₹32,500 करोड़ रहा। रिपोर्ट का मानना है कि आगे बड़े निवेश की जरूरत घटने से जियो के पास ज्यादा नकदी बच सकती है।

लंबी अवधि में मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर सिर्फ मोबाइल कारोबार पर नहीं है। होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज, क्लाउड, AI और अपनी टेक्नोलॉजी को विदेशी बाजारों में ले जाना अगले ग्रोथ ड्राइवर माने जा रहे हैं। एमके ने भी होम ब्रॉडबैंड को अगला बड़ा ग्रोथ ड्राइवर और कंपनी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी स्टैक को इंटरनेशनल अवसर बताया है।

जियो की अलग लिस्टिंग का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भी दिखा है। 15 अक्टूबर को जियो का प्राइस बैंड सामने आने के बाद RIL का शेयर करीब 3.4% चढ़ा। बाजार की नजर इस बात पर भी है कि जियो की स्वतंत्र लिस्टिंग से RIL शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना और मजबूत हो सकती है।

बिजनौर : पत्रकारों को डिटेन किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

बिजनौर : पत्रकारों को डिटेन किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने का मुद्दा उठाया

भारत में पत्रकार आयोग का गठन कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

बिजनौर : पत्रकारों को डिटेन किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

बिजनौर : दिल्ली में समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की घटना के विरोध में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, जनपद बिजनौर ने कड़ा विरोध जताते हुए राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर के माध्यम से भेजा है। समिति ने घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने, जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग की है। डीएम की ओर से ज्ञापन लेने के लिए बाल इंदिरा भवन में विजय कुमार नायब तहसीलदार सदर को  भेजा गया। 

समिति के जिलाध्यक्ष हाशिम अहमद ने ज्ञापन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने लाने के साथ ही आम नागरिकों की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में समाचार संकलन और कवरेज के दौरान पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

ज्ञापन में कहा गया कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। पत्रकारों की स्वतंत्रता केवल मीडिया जगत का विषय नहीं, बल्कि आम जनता के सूचना पाने के अधिकार से भी जुड़ी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है, लेकिन किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई कानून के अनुरूप और उचित आधार पर होनी चाहिए। यदि संबंधित मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन अथवा अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, तो निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रमुख मांगें

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने राष्ट्रपति से दिल्ली की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के काम में अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने तथा पत्रकारों की शिकायतों के निस्तारण की मांग की है। इसके अतिरिक्त देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, उत्पीड़न, धमकी और हिंसा की शिकायतों पर त्वरित सुनवाई की व्यवस्था बनाने तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए पत्रकारों के अधिकारों से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई गई है।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि समिति का उद्देश्य कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। समिति ने संबंधित घटना की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पत्रकार बिना भय और दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर जहीर अहमद, जुबैर खान, फैसल खान, फैजान खान, अशरफ अली, अल्ताफ रजा, शाही अराफ़ात सैफी, संजय अग्रवाल, नमित सिंघल, मनोज शर्मा, मोहम्मद सुहैल राजू, नौशाद सैफी, झालू से इम्तियाज अली, मास्टर असलम आदि मौजूद रहे।

भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो ने खोला अगला रोडमैप, तीन ग्रोथ इंजन पर फोकस

भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो ने खोला अगला रोडमैप, तीन ग्रोथ इंजन पर फोकस

· आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल को बताया जियो के तीन ग्रोथ इंजन

· होम ब्रॉडबैंड बेस करीब 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य

· चुनिंदा विदेशी बाजारों में अपनी टेक्नोलॉजी स्टैक को मॉनेटाइज करने की तैयारी

भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो ने खोला अगला रोडमैप, तीन ग्रोथ इंजन पर फोकस

मुंबई, 15 अक्टूबर 2026 : भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने अगले दौर की ग्रोथ का रोडमैप सामने रखा है। मुंबई में पत्रकारों के साथ बातचीत में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल को कंपनी के तीन बड़े ग्रोथ इंजन बताया। कंपनी का मानना है कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल गेटवे और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर वह FY31 तक भारत की करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

आकाश अंबानी ने कहा, “हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है।” उन्होंने कहा कि जियो का फोकस हर भारतीय, हर घर और हर एंटरप्राइज को बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं देने पर रहेगा। जियो के पास फिलहाल करीब 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और कंपनी भारत के 60% से ज्यादा डेटा ट्रैफिक को संभालती है।

मोबिलिटी में कंपनी अगले पांच वर्षों में करीब 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार देख रही है। आकाश के मुताबिक इसमें करीब 10 करोड़ ऐसे नए ग्राहक होंगे जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे, जबकि करीब 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G की ओर बढ़ सकते हैं। FY26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहक दूसरे नंबर के ऑपरेटर के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा बढ़े।

होम ब्रॉडबैंड को कंपनी आने वाले वर्षों का बड़ा ग्रोथ इंजन मान रही है। जियो के अभी करीब 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और कंपनी इस बेस को आगे 10 करोड़ घरों तक ले जाना चाहती है। FY26 में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में करीब 67.5% हिस्सेदारी जियो की रही। आकाश ने बताया कि कंपनी फाइबर के साथ अपनी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए देश के 19,000 पिन कोड तक पहुंच बढ़ा रही है।

तीसरा ग्रोथ इंजन एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार है। जियो भारत में करीब ₹5.1 लाख करोड़ यानी 56.8 अरब डॉलर का एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज बाजार देख रहा है। आकाश के मुताबिक देश की लगभग 65% बैंक शाखाएं जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।

जियो अपनी बनाई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में भी मॉनेटाइज करना चाहता है। कंपनी की योजना सिर्फ सॉफ्टवेयर बेचने की नहीं, बल्कि ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में काम करने की है। आकाश ने कहा कि इससे भारत टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

इससे पहले ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी लंबे समय की सोच, बड़े पैमाने, मजबूत एक्जीक्यूशन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और 1977 के रिलायंस IPO को याद करते हुए की।

रिलायंस फाउंडेशन से संवरेगा 10 लाख लड़कियों का भविष्य, मिलेंगे हुनर और करियर के नए अवसर

रिलायंस फाउंडेशन से संवरेगा 10 लाख लड़कियों का भविष्य, मिलेंगे हुनर और करियर के नए अवसर

· एस्टी लॉडर कंपनिज चैरिटेबल फाउंडेशन के साथ बहुवर्षीय साझेदारी

· 14 से 20 साल की लड़कियों को लाइफ स्किल्स, डिजिटल और वित्तीय जानकारी के साथ करियर विकल्पों की मिलेगी जानकारी

रिलायंस फाउंडेशन से संवरेगा 10 लाख लड़कियों का भविष्य, मिलेंगे हुनर और करियर के नए अवसर

मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: रिलायंस फाउंडेशन ने देशभर की 10 लाख लड़कियों और युवा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एस्टी लॉडर कंपनिज चैरिटेबल फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से होगी और बाद में इसे देश के दूसरे हिस्सों में भी ले जाने की योजना है। इसमें 14 से 20 साल की लड़कियों और युवतियों को आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स, डिजिटल और वित्तीय जानकारी के साथ आगे की पढ़ाई, ट्रेनिंग और रोजगार के विकल्पों के बारे में बताया जाएगा।

रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “मेरा मानना है कि हर लड़की में बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास, नेतृत्व करने का साहस और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के जरिए 10 लाख लड़कियों और युवा महिलाओं को अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए जरूरी मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटने, फैसले लेने और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर भी जोर होगा। लड़कियों को डिजिटल टूल्स और वित्तीय सेवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ शिक्षा, रोजगार, आजीविका और उद्यमिता से जुड़े विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग ऑफलाइन और डिजिटल दोनों तरीके से होगी।

एस्टी लॉडर कंपनिज के प्रेसिडेंट और CEO स्टेफान दे ला फेवरे ने कहा, “हमें रिलायंस फाउंडेशन के साथ मिलकर भारत की लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए और अधिक अवसर तैयार करने पर गर्व है, ताकि वे आधुनिक कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जरूरी कौशल हासिल कर सकें।”

रिलायंस फाउंडेशन 2010 से महिलाओं और लड़कियों के लिए शिक्षा, खेल, आजीविका और दूसरे क्षेत्रों में काम कर रहा है। नई साझेदारी इसी काम को आगे बढ़ाते हुए लड़कियों को अपने जीवन के अगले चरण के बारे में ज्यादा जानकारी और बेहतर फैसले लेने की क्षमता देने पर केंद्रित होगी।

रिलायंस फाउंडेशन दृष्टि कार्यक्रम से दो लाख से अधिक लोगों को मिली मदद, नेत्र स्वास्थ्य और सूचना की पहुंच पर जोर

नीता अंबानी की पहल: दृष्टिबाधितों के लिए अब हर सप्ताह आएगा ब्रेल अखबार

* एनएबी इंडिया के साथ मिलकर हिंदी और मराठी अखबार का प्रकाशन अब पाक्षिक से साप्ताहिक होगा

* रिलायंस फाउंडेशन दृष्टि कार्यक्रम से दो लाख से अधिक लोगों को मिली मदद, नेत्र स्वास्थ्य और सूचना की पहुंच पर जोर

रिलायंस फाउंडेशन दृष्टि कार्यक्रम से दो लाख से अधिक लोगों को मिली मदद, नेत्र स्वास्थ्य और सूचना की पहुंच पर जोर

मुंबई, 13 अक्टूबर 2026:  दृष्टिबाधित लोगों तक खबरें और जरूरी जानकारियां पहुंचाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन के दृष्टि कार्यक्रम के तहत प्रकाशित होने वाले हिंदी और मराठी के ब्रेल अखबार अब पाक्षिक के बजाय साप्ताहिक होंगे। यानी पाठकों को अब हर सप्ताह देश-दुनिया की खबरें पढ़ने का मौका मिलेगा। रिलायंस फाउंडेशन इन अखबारों का प्रकाशन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) इंडिया के साथ मिलकर करता है। इन अखबारों के पाठकों की संख्या 30 हजार से अधिक है।

रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी दृष्टिबाधित लोगों की मदद और उन्हें बेहतर अवसर देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने मुंबई में एनएबी इंडिया के 75वें स्थापना दिवस समारोह में फाउंडेशन की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इसी पहल का हिस्सा है। इससे दृष्टिबाधित लोगों को खबरों और जरूरी जानकारियों तक नियमित पहुंच मिलेगी। वे देश-दुनिया की घटनाओं से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे।

रिलायंस फाउंडेशन दृष्टि कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आंखों की बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना और दृष्टिबाधित लोगों के जीवन को आसान बनाना है। कार्यक्रम के तहत मुफ्त आंखों की जांच, कॉर्निया प्रत्यारोपण और चश्मे उपलब्ध कराने जैसे काम किए जाते हैं। इन सेवाओं के लिए फाउंडेशन ने एनएबी इंडिया, शंकरा आई फाउंडेशन और अरविंद आई केयर सिस्टम के साथ साझेदारी की है।

फाउंडेशन के अनुसार, दृष्टि कार्यक्रम के जरिए अब तक दो लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई जा चुकी है। इसके तहत 22,500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने में भी मदद मिली है। इन प्रयासों का मकसद जरूरतमंदों को बेहतर नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने के साथ दृष्टिबाधित लोगों को आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने के अवसर देना भी है। ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इस काम को और आगे बढ़ाएगा। इससे पाठकों को खबरें, समसामयिक घटनाएं और समाज से जुड़ी जानकारियां अधिक नियमित रूप से मिल सकेंगी।

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल

* मौजूदा लैपटॉप, डेस्कटॉप या मॉनिटर को क्लाउड के जरिए कंप्यूटर में बदलने की सुविधा

* छात्रों, स्कूलों, कॉलेजों और स्किल सेंटरों के लिए सब्सक्रिप्शन प्लान; जियो और गैर-जियो यूजर्स भी कर सकेंगे इस्तेमाल

जियोपीसी से पढ़ाई के लिए कम खर्च में मिलेगा कंप्यूटर, एआई का भी कर सकेंगे इस्तेमाल * मौजूदा लैपटॉप, डेस्कटॉप या मॉनिटर को क्लाउड के जरिए कंप्यूटर में बदलने की सुविधा  * छात्रों, स्कूलों, कॉलेजों और स्किल सेंटरों के लिए सब्सक्रिप्शन प्लान; जियो और गैर-जियो यूजर्स भी कर सकेंगे इस्तेमाल

मुंबई 12 अक्तूबर 2026 : रिलायंस जियो ने छात्रों और शिक्षण संस्थानों के लिए कंप्यूटर इस्तेमाल करना आसान और किफायती बनाने के उद्देश्य से जियोपीसी सेवा पेश की है। इसके जरिए नया कंप्यूटर खरीदे बिना क्लाउड की मदद से कंप्यूटर की सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सेवा छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, कोडिंग, डिजाइन, रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े काम करने में मदद कर सकती है।

जियोपीसी की मदद से मौजूदा लैपटॉप या डेस्कटॉप को बेहतर कंप्यूटिंग क्षमता के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, जियो सेट-टॉप बॉक्स के जरिए टीवी से जुड़े मॉनिटर पर भी कंप्यूटर की सुविधा ली जा सकती है। यूजर वेब ब्राउजर के जरिए भी अपनी कंप्यूटिंग सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे अलग-अलग डिवाइस पर लॉग-इन करके काम करना आसान होता है।

जियो यूजर होना जरूरी नहीं

इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए जियो का मोबाइल या ब्रॉडबैंड कनेक्शन होना जरूरी नहीं है। दूसरे इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के कनेक्शन वाले यूजर भी सक्रिय जियोपीसी सब्सक्रिप्शन के साथ ब्राउजर के जरिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

जियोपीसी छात्रों को ऑनलाइन क्लास, पढ़ाई से जुड़े एप्लिकेशन, कोडिंग और डिजाइन जैसे कामों के लिए कंप्यूटिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। स्कूल, कॉलेज और स्किल सेंटर भी अपने मौजूदा कंप्यूटर लैब को पूरी तरह बदले बिना बेहतर कंप्यूटिंग सुविधाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इससे नए कंप्यूटर खरीदने पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

सब्सक्रिप्शन प्लान और कीमत

जियोपीसी के लिए अलग-अलग अवधि और क्षमता वाले प्लान उपलब्ध कराए गए हैं। 8 जीबी रैम और 500 जीबी स्टोरेज वाले प्लान की कीमत दो महीने के लिए 1,000 रुपये, पांच महीने के लिए 2,000 रुपये और 10+2 महीने के लिए 4,000 रुपये है। वहीं, 16 जीबी रैम और 1 टीबी स्टोरेज वाले जियोपीसी अल्ट्रा प्लान की कीमत क्रमशः 1,200 रुपये, 2,500 रुपये और 5,000 रुपये है।

जियोहोम ग्राहकों को 100 रुपये प्रति माह का वाउचर भी दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल पात्र ग्राहक अपने ब्रॉडबैंड बिल में छूट पाने के लिए कर सकते हैं।

क्लाउड में सुरक्षित रहेगा डेटा

जियोपीसी में उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम, लिब्रेऑफिस और वेब ब्राउजर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके जरिए माइक्रोसॉफ्ट 365 और एडोबी एक्सप्रेस जैसे ऑनलाइन टूल भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यूजर का डेटा डिवाइस में रखने के बजाय क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित रखा जाता है। कंपनी के मुताबिक, इसमें डेटा सुरक्षा के लिए जीरो ट्रस्ट मॉडल और आपदा की स्थिति में डेटा रिकवरी की सुविधा भी है।

इसका फायदा यह है कि डिवाइस खराब होने या खो जाने पर भी क्लाउड में सुरक्षित डेटा प्रभावित नहीं होता। सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल के कारण यूजर को कंप्यूटर की सुविधाओं के लिए एकमुश्त बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत भी कम हो सकती है।

iPhone Frenzy Grips India: Reliance Digital Stores See Early-Morning Queues as Shoppers Rush to Upgrade

iPhone Frenzy Grips India: Reliance Digital Stores See Early-Morning Queues as Shoppers Rush to Upgrade

From 7 AM queues across tech parks and residential communities, Reliance Digital’s iPhone offers turn today into a shopping spectacle.

iPhone Frenzy Grips India: Reliance Digital Stores See Early-Morning Queues as Shoppers Rush to Upgrade

In a day that captured the sheer excitement of India’s appetite for technology, Reliance Digital’s compelling offers on the Apple iPhone 15, 16, 17 and 17 Pro sparked an extraordinary shopping frenzy, with customers lining up outside stores as early as 7 AM.

The biggest draw? An irresistible upgrade proposition powered by Swapeasy, which brought the power of exchange to the forefront. Customers looking to upgrade their iPhones were pleasantly surprised by the exchange values they received, making the dream of owning the latest iPhone more attainable than ever.

The excitement extended well beyond store entrances. The campaign created a buzz across technology parks and residential communities, taking the iPhone conversation directly to consumers where they live and work. The response has been overwhelming with everyone exploring the offers and making purchases - a testament to the strength of the proposition.

The iPhone 17 Pro, for instance, could be brought down to an effective price of ₹56,990 through a combination of in-store discounts, exchange value, exchange bonus and bank cashback, subject to applicable terms and eligibility. For customers trading in an older iPhone, the exchange opportunity made the upgrade proposition particularly attractive.

For Reliance Digital, this was more than a day of strong customer interest. It was a celebration of the thrill of discovery, the joy of a great deal and the aspiration to own the latest technology.

At Reliance Digital, we don’t just celebrate a purchase. We celebrate the excitement of the upgrade, the aspiration of owning an iPhone, and the happiness of customers who walk out with a smile. Because when the offer is right and the excitement is real, the rush is impossible to miss.

मोबाइल रखिए जेब में, जियो AI ग्लास से हो जाएगा UPI पेमेंट

मोबाइल रखिए जेब में, जियो AI ग्लास से हो जाएगा UPI पेमेंट

•  QR कोड पर नजर डालिए, वॉयस कमांड दीजिए और ₹5,000 तक पेमेंट

•  मैच भी नहीं छूटेगा, जियो AI ग्लास देगा लाइव क्रिकेट कमेंट्री

•  लाइव ट्रांसलेशन से अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले समझ सकेंगे एक-दूसरे की बात

मोबाइल रखिए जेब में, जियो AI ग्लास से हो जाएगा UPI पेमेंट •  QR कोड पर नजर डालिए, वॉयस कमांड दीजिए और ₹5,000 तक पेमेंट  •  मैच भी नहीं छूटेगा, जियो AI ग्लास देगा लाइव क्रिकेट कमेंट्री  •  लाइव ट्रांसलेशन से अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले समझ सकेंगे एक-दूसरे की बात

नई दिल्ली, 10 अक्तूबर, 2026: मोबाइल जेब में ही रहे और सामने QR कोड हो, फिर भी पेमेंट हो जाए तो? जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में ऐसा ही एक कूल और फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट शोकेस किया है। कंपनी ने अपनी पर्सनल AI वियरेबल रेंज में कैमरा ग्लास, ऑडियो ग्लास और ईयरफोन दिखाए हैं। इनमें स्कैन एंड पे, AI वॉयस असिस्टेंट, मल्टी-इंडियन लैंग्वेज सपोर्ट, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और लाइव क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स हैं। 

सबसे दिलचस्प फीचर स्कैन एंड पे है। कैमरा ग्लास UPI QR कोड स्कैन करेगा, यूजर वॉयस कमांड देगा और कन्फर्मेशन के बाद पेमेंट हो जाएगा। UPI Circle के जरिए एक बार में ₹5,000 तक का भुगतान किया जा सकता है। यह सीमा जियो की नहीं, UPI Circle के नियमों के तहत तय है। इसकी मासिक सीमा ₹15,000 है।

मतलब दुकान पर पेमेंट करते वक्त मोबाइल निकालने, अनलॉक करने, ऐप खोलने और QR स्कैन करने जैसे कई स्टेप कम हो सकते हैं। यहां AI सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि आपकी कमांड पर काम करने वाली टेक्नोलॉजी बन जाता है। कंपनी की कोशिश AI को मोबाइल स्क्रीन और कीबोर्ड से निकालकर आवाज और रोजमर्रा के इस्तेमाल से जोड़ने की है।

जियो AI ग्लास का दूसरा बड़ा इस्तेमाल लाइव ट्रांसलेशन है। अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले दो लोग वियरेबल डिवाइस की मदद से एक-दूसरे की बात समझ सकेंगे। आप अपनी भाषा में बोलिए, सामने वाला अपनी भाषा में, बीच का काम AI संभालेगा।

और बात सिर्फ पेमेंट और ट्रांसलेशन तक नहीं रुकती। मीटिंग में कोई जरूरी बात छूट न जाए, इसके लिए AI नोट टेकिंग है। वहीं चलते-फिरते मैच से जुड़े रहना हो तो लाइव क्रिकेट कमेंट्री भी मिलेगी। यानी ऑफिस की मीटिंग हो या क्रिकेट का रोमांच, बार-बार मोबाइल देखने की जरूरत कम करने की कोशिश साफ दिखती है।

जियो का कहना है कि इन वियरेबल्स का मकसद AI के जरिए प्रोडक्टिविटी और नॉलेज बढ़ाना और रोजमर्रा के काम आसान करना है। खास जोर वॉयस और भारतीय भाषाओं पर है, ताकि यूजर अपनी भाषा में AI और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सके।

जियो का यह शोकेस वियरेबल टेक के अगले दौर की झलक देता है। स्मार्ट ग्लासेस का आइडिया नया नहीं है, लेकिन UPI पेमेंट, भारतीय भाषाएं, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स इसे भारतीय यूजर के ज्यादा करीब लाते हैं।