राजनीति में संवाद और मर्यादा पर जोर देते थे अटलजी : ब्रजेश पाठक
राजनीति में संवाद और मर्यादा पर जोर देते थे अटलजी : ब्रजेश पाठक
अटल स्मृति संध्या में उप मुख्यमंत्री ने रखे विचार
अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ कार्यक्रम
लखनऊ, 16 अगस्त : श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर अटल स्मृति संध्या कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटलजी सदैव हमारे दिलों में बसे हैं। उनकी निष्पक्ष राजनीति और राष्ट्र प्रथम के प्रण के चलते हर दल के लोग उनकी प्रशंसा करते हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में यदि अटल जी हमारे बीच होते, तो शायद सबसे पहले वे राजनीति में संवाद और मर्यादा की आवश्यकता पर जोर देते।
अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अटलजी मानते थे कि विचार अलग हो सकते हैं लेकिन राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। सत्ता और विपक्ष लोकतंत्र के दो पहिए हैं। मतभेद लोकतंत्र को मजबूत करते हैं, लेकिन मनभेद लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की राजनीति हमें यह सिखाती है कि विरोधी को पराजित करना राजनीति का अंतिम उद्देश्य नहीं, बल्कि विचारों के संघर्ष के बीच देश को आगे ले जाना राजनीति की वास्तविक कसौटी है। आज जब राजनीतिक बहस कई बार आरोप-प्रत्यारोप और कटु भाषा तक सीमित हो जाती है, तब अटल जी की वह सहज, संयमित और प्रभावशाली वाणी और भी याद आती है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अटलजी शायद यही कहते कि
“राजनीति में मतभेद हों, मनभेद नहीं,
सत्ता आएगी-जाएगी, सरकारें बनेंगी-बिगड़ेंगी,
लेकिन देश और लोकतंत्र सबसे ऊपर रहना चाहिए।”
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि कार्यक्रम में अटल बिहारी फाउंडेशन द्वारा तैयार की गई अटलवाणी ई पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व अन्य अतिथियों ने किया। इस ई पुस्तक में अटलजी के तमाम वक्तव्यों को सहेजा गया है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को साकार करने में प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। उन्होंने कहा कि आज का नया लखनऊ रक्षामंत्री और यहां से लोकप्रिय सांसद राजनाथ सिंह की अगुवाई में तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्ष अब ओछी राजनीति पर उतर आया है। अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह समाज में कतई स्वीकार्य नहीं है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कुछ पंक्तियों को याद करते हुए कहा कि एक नहीं दो नहीं करो बीसों समझौते पर स्वतन्त्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा, अगणित बलिदानों से अर्जित यह स्वतन्त्रता, अश्रु स्वेद शोणित से सिंचित यह स्वतन्त्रता, त्याग तेज तपबल से रक्षित यह स्वतन्त्रता दुरूखी मनुजता के हित अर्पित यह स्वतन्त्रता, इसे मिटाने की साजिश करने वालों से कह दो चिनगारी का खेल बुरा होता है औरों के घर आग लगाने का जो सपना वो अपने ही घर में सदा खरा होता है।
उन्होंने पंक्तियों को आगे बढ़ाया कि लोहिया के विचारो की लंका लगाने वाले, कबीलों से कब्रिस्तान तक की विचारधारा को अपनाने वाले... नन्हे लाल चुन्नी बनकर भेड़िया के भेष में सर्वसमाज को बहुरूपिया बन निवाला बनाने वाले, श्री राम का नाम लेने से परहेज, लेकिन रहमान की टोपी पहनकर राम भक्तों का वोट लेने की तड़प, सावधान रहे पापियों से, जिनके हाथ रगें है राम भक्तों के खून से।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अटल जी कहते थे कि हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय। मैं एक बिन्दु परिपूर्ण सिन्धु है, यह मेरा हिन्दु समाज मेरा। इसका संबन्ध अमर मै व्यक्ति और यह है समाज इससे मैने पाया तन मन इससे मैने पाया जीवन मेरा तो बस कर्तव्य यही कर दू सब कुछ इसके अर्पण मैं तो समाज की थाति हूं मै तो समाज का हूं सेवक मै तो समष्टि के लिए व्यष्टि का कर सकता बलिदान अभय हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय।




















































