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रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड : FY2025-26 के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों की घोषणा

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड : FY2025-26 के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों की घोषणा 2/n Q3 FY2025-26 में रिलायंस का समेकित राजस्व ₹2,93,829 करोड...

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बिजनौर : सपा सांसद रुचि वीरा ज़मीन मामले को लेकर बैराज रोड पहुंची, दूसरा पक्ष भी रहा मौके पर मौजूद

बिजनौर : सपा सांसद रुचि वीरा ज़मीन मामले को लेकर बैराज रोड पहुंची, दूसरा पक्ष भी रहा मौके पर मौजूद 

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर : बैराज रोड पर उस समय हंगामा हो गया जब मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा वहां मौके पर जा पहुंची... मामला 30 बीघा जमीन को लेकर दो गुटों में टकराव का है जिसमे सपा सांसद मौके पर पहुंची थी 

बाइट- रजनीश तोमर

बिजनौर : सपा सांसद रुचि वीरा ज़मीन मामले को लेकर बैराज रोड पहुंची, दूसरा पक्ष भी रहा मौके पर मौजूद

ज़मीन के मामले को लेकर मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा बिजनौर के बैराज रोड पर पहुंची ... जिसपर सावित्री देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रजनीश तोमर ने कहा कि यह जमीन ट्रस्ट की है और इस पर चैरिटेबल हॉस्पिटल का निर्माण प्रस्तावित है...उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पर फ्रंट की जमीन को लेकर मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा ने चकबंदी विभाग से फर्जी आदेश कराकर फर्जी नक्शा बनवा लिया और उसी नक्शे के आधार पर अपने लेटर पैड पर लिखकर जिला प्रशासन को दिया की इस पर हमारा कब्जा सुनिश्चित कराया जाए....उन्होंने आगे कहा कि रुचि वीरा और राशिद ने सावित्री देवी ट्रस्ट की जमीन पर अपने फ्रंट लगवा लिए हैं जो कि अवैध है....







वहीं ज़मीन को लेकर दूसरी ओर सपा सांसद रुचि वीरा का दावा है कि हमारी जमीन है राजस्व विभाग के अधिकारी आए थे खंबे लगाकर गए थे हम उन खंभों को पक्का कर रहे हैं दूसरे पक्ष के लोगों में हमारे खंबे उखाड़ दिए जो कि गलत है हमारी जमीन है हम इसमें मकान बनाएं या कुछ करें किसी को क्या परेशानी है......रूचि वीरा ने कहा कि मैं बिजनौर की रहने वाली हूं मेरी खेत की जमीन है मेरी इतनी दरखास्त है कि राजस्व विभाग के लोगों को बुला ले वह लोग और जमीन की पैमाइश करा ले उनकी जमीन कम हो रही हो तो हमसे ले ले उन्होंने आरोप लगाया कि एक राशिद मियां है जिनकी 1200 मीटर जमीन है वह जमीन इन लोगों ने कब्जा रखी है...राजस्व विभाग के अधिकारी को बुला ले और जमीन की नपती करा ले.... 

बाइट- रुचि वीरा, सांसद सपा


बाइट- रजनीश तोमर



AGR और रेवेन्यू शेयर में जियो अव्वल, 43% हिस्सेदारी के साथ मजबूत बढ़त

AGR और रेवेन्यू शेयर में जियो अव्वल, 43% हिस्सेदारी के साथ मजबूत बढ़त

• ICICI सिक्योरिटीज और CLSA की रिपोर्ट- जियो का AGR 321 अरब रुपये रहा 

• 22 में से 16 टेलीकॉम सर्किल्स में जियो की पकड़ मजबूत

AGR और रेवेन्यू शेयर में जियो अव्वल, 43% हिस्सेदारी के साथ मजबूत बढ़त

नई दिल्ली, 26 फरवरी, 2026 : टेलीकॉम सेक्टर पर ICICI सिक्योरिटीज और CLSA की ताजा रिपोर्ट में रिलायंस जियो की बढ़त साफ तौर पर उभरकर सामने आई है। तीसरी तिमाही (Q3FY26) में इंडस्ट्री के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) और रेवेन्यू शेयर दोनों मोर्चों पर जियो ने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है।

जियो का AGR 321 अरब रुपये

ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक, Q3FY26 में तीनो प्राइवेट प्लेयर्स यानी जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को मिलाकर, AGR 2.9% तिमाही दर तिमाही (QoQ) और 8.9% सालाना (YoY) बढ़कर 720 अरब रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान रिलायंस जियो का AGR 321 अरब रुपये रहा, जो 3.9% QoQ और 11.2% YoY की वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ जियो की AGR बाजार हिस्सेदारी 43% पर पहुंच गई है।

इसके मुकाबले भारती एयरटेल का AGR 299 अरब रुपये और बाजार हिस्सेदारी 39.9% रही, जबकि वोडाफोन आइडिया 99 अरब रुपये AGR और 13% के आसपास हिस्सेदारी पर सिमटी रही। रिपोर्ट के अनुसार, जियो ने तिमाही आधार पर 41 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 114 बेसिस प्वाइंट बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। 

जियो को बढ़त मिली 

सर्किल स्तर पर जियो को, 16 सर्किलों में AGR मार्केट शेयर में बढ़त मिली, खासकर गुजरात, यूपी ईस्ट, यूपी वेस्ट, कर्नाटक, नॉर्थ ईस्ट और हिमाचल जैसे क्षेत्रों में उसकी पकड़ मजबूत हुई। मेट्रो मार्केट में भी दिल्ली, मुंबई और कोलकत्ता में जियो की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया।

वहीं CLSA की रिपोर्ट बताती है कि Q3FY26 में जियो की रेवेन्यू शेयर 42.5% रही, जो 47 बेसिस प्वाइंट की तिमाही बढ़त को दर्शाती है। बीते 12 महीनों में जियो और एयरटेल ने जहां बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई, वहीं वोडाफोन आइडिया को गिरावट का सामना करना पड़ा। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर जियो का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, सर्किल-स्तरीय विस्तार और बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने पर बना हुआ है, जो उसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिला रहा है।

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बिजनौर : एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा साइकिल रैली निकाली गई

बिजनौर : एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा साइकिल रैली निकाली गई

• SIR को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा एक विशाल साइकिल रैली

• डाकघर चौराहे पर व्यापारियों द्वारा भी कार्यकर्ताओं को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया

• सैकड़ों कार्यकर्ता साइकिलों पर सवार “अखिलेश यादव जिंदाबाद” और “पीडीए जिंदाबाद” के नारे लगाते विभिन्न मार्गों से गुजरे

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर : एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा साइकिल रैली निकाली गई • SIR को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा एक विशाल साइकिल रैली  • डाकघर चौराहे पर व्यापारियों द्वारा भी कार्यकर्ताओं को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया

बिजनौर- शहर में एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अनुज मलिक पूर्व ब्लॉक प्रमुख व निवर्तमान जिला अध्यक्ष शेख जाकिर हुसैन के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी द्वारा एक विशाल साइकिल रैली निकाली गई.... रैली का उद्देश्य जनता को जागरूक करना था कि मतदाता सूची में हो रही अनियमितताओं के कारण योग्य मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं।

बिजनौर : एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा साइकिल रैली निकाली गई • SIR को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा एक विशाल साइकिल रैली  • डाकघर चौराहे पर व्यापारियों द्वारा भी कार्यकर्ताओं को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया

रैली का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष शेख ज़ाकिर हुसैन एवं सपा नेता अनुज मलिक ने संयुक्त रूप से किया। सैकड़ों कार्यकर्ता साइकिलों पर सवार होकर “अखिलेश यादव जिंदाबाद” और “पीडीए जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। 

रैली अनुज मलिक के आवास वैष्णो विहार से प्रारंभ होकर बैराज रोड, नुमाइश ग्राउंड, जजी चौक, शास्त्री चौक, सिविल लाइन, डाकघर चौराहा, रोडवेज चौराहा एवं कलेक्ट्रेट रोड होते हुए पार्टी कार्यालय पर समाप्त हुई। रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। जजी चौराहे पर अधिवक्ताओं द्वारा साइकिल रैली का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। 







वहीं सिविल लाइन स्थित रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों एवं डाकघर चौराहे पर व्यापारियों द्वारा भी कार्यकर्ताओं को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस स्वागत से रैली में शामिल कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया और जनसमर्थन का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

अनुज मलिक ने अपने संबोधन में कहा, “यह रैली केवल विरोध नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए की ताकत से हम हर गड़बड़ी का मुकाबला करेंगे। जनता का मत छीनने की साजिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” रैली के समापन पर अनुज मलिक ने सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी से बिजनौर की आवाज़ प्रदेश और देश तक पहुँची है तथा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

बाइट- अनुज चौधरी

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KOPCHE CHICKEN : घंटा घर के पास कोपचे चिकन में ज़ायकों का तड़का

KOPCHE CHICKEN : घंटा घर के पास कोपचे चिकन में ज़ायकों का तड़का

लखनऊ : खाने के शौक़ीन लोगों के Kopche chicken में खाने के एक से बढ़कर एक ज़ायके मिलेंगे.....

लखनऊ : खाने के शौक़ीन लोगों के Kopche chicken में खाने के एक से बढ़कर एक ज़ायके मिलेंगे.....लखनऊ के घंटाघर के पास सतखंडा के सामने शाही लोकेशन पर अब शाही खानों का मज़ा वो भी बहुत काम दाम में

लखनऊ के घंटाघर के पास सतखंडा के सामने शाही लोकेशन पर अब शाही खानों का मज़ा वो भी बहुत कम दाम में ...खुला माहोल, घूमने की ऐतिहासिक जगह घंटा घर के पास सतखंडा के सामने आप भी परिवार और दोस्तों के साथ बेहतरीन और ज़ायकेदार खाने का मज़ा ले सकते है.......

KOPCHE CHICKEN : घंटा घर के पास कोपचे चिकन में ज़ायकों का तड़का.... # खाने के शौक़ीन लोगों के Kopche chicken में खाने के एक से बढ़कर एक ज़ायके ..... # लखनऊ के घंटाघर के पास सतखंडा के सामने शाही लोकेशन पर अब शाही खानों का मज़ा वो भी बहुत काम दाम में ... # परिवार और दोस्तों के साथ बेहतरीन और ज़ायकेदार खाने का मज़ा ले सकते है....

KOPCHA CHIKEN के मेन्यू में बहुत कम दाम में ज़ायकेदार खानों का मज़ा ....सीक कबाब, तंदूरी चिकन, काकोरी कबाब, चिकन टिक्का, कबाब रोल, रुमाली रोटी, शीरमाल...... 





कमिश्नर मुरादाबाद ने मुबारकपुर तालन में ग्राम चौपाल में सुनी गांव वालों की समस्याएं , अधिकारियों को दिए ज़रूरी निर्देश

कमिश्नर मुरादाबाद ने मुबारकपुर तालन में ग्राम चौपाल में सुनी गांव वालों की समस्याएं

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

कमिश्नर मुरादाबाद द्वारा हल्दौर ग्राम पंचायत के गांव मुबारकपुर तालन में ग्राम चौपाल का कार्यक्रम के दौरान सभी गांव वालों की समस्याएं सुनकर उनका संबंधित अधिकारी द्वारा निवारण करने के लिए निर्देश दिए ...

कमिश्नर मुरादाबाद ने मुबारकपुर तालन में ग्राम चौपाल में सुनी गांव वालों की समस्याएं

मुबारकपुर तालन कमिश्नर मुरादाबाद पहुंचे इस मौके पर वहां पर सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे वहां से कमिश्नर सीधे कलेक्ट्रेट में पहुंचे और वहां पर उन्होंने विदुर कैफ़ों का फीता काटकर उद्घाटन किया उसके पश्चात कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया









कमिश्नर मुरादाबाद ने निर्देश दिए की लंबित रेस्टोरेशन वादों की नियमित समीक्षा कर उनके शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर में लगाने पड़े उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अविलंब स्वीकार नहीं होगा मंडलाआयुक्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिए 

जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर द्वारा माननीय मंडल आयुक्त को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पूर्ण गंभीरता के साथ अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा इस अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कुमार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वन्य सिंह अपर आयुक्त एवं डिप्टी कमिश्नर गजेंद्र सिंह ब्लाक प्रमुख चौधरी विजेंद्र सिंह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा एवं कुणाल रस्तोगी उप जिलाधिकारी सदर रितु चौधरी डिप्टी कलेक्टर हर्ष चावला आदि अधिकारी मौजूद थे







लखनऊ : 24.86 करोड़ की लागत से लोहिया अस्पताल परिसर में बनेगा रैन बसेरा

लखनऊ : 24.86 करोड़ की लागत से लोहिया अस्पताल परिसर में बनेगा रैन बसेरा

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया भूमि पूजन, डायग्नोस्टिक सेवाओं का भी उद्घाटन

510 बेड क्षमता होगी रैन बसेरे में, मरीजों-तीमारदारों को मिलेगी बड़ी राहत, स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार हो रहा सुधार

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं

शहीद पथ स्थित कैम्पस में भी 1000 बेड के ब्रॉड स्पेशिलिटी सेवाओं का अस्पताल स्वीकृत

लखनऊ : 24.86 करोड़ की लागत से लोहिया अस्पताल परिसर में बनेगा रैन बसेरा

लखनऊ,  24 फरवरी : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में रोगियों व उनके परिजनों को ठहरने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। रोगियों और परिजनों के लिए परिसर में रैन बसेरा भवन बनेगा। मंगलवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने रैन बसेरा का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। साथ ही डायग्नोस्टिक सेवाओं का भी उदघाटन हुआ। 

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं। रोगियों को उनके घर के निकट इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नए अस्पताल व मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में रोगियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रोगियों को उच्च कोटि का इलाज मिल सके, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक रेफरल चिकित्सालय के रोगियों को सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक जांचों के लिए अन्य परिसर अथवा दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था। जिससे इलाज में विलम्ब होता था। डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मातृ शिशु चिकित्सालय में बढ़ाया जाएगा ताकि एक ही स्थान पर रोगियों को इलाज के साथ जांच की सुविधा भी मिल सके।



डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि 24.86 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीआरए भवन का भूमि पूजन राज्यपाल ने किया। लगभग 510 बेड क्षमता वाले इस पीआरए / रैन बसेरा भवन का निर्माण होगा। इससे दूर-दराज से आने वाले रोगियों के परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक ठहराव की सुविधा प्राप्त होगी। इसमें कुल 45 कमरों में 90 बेड की व्यवस्था होगी। साथ ही डॉरमेटरी में 420 बेड की उपलब्धता होगी। रसोई, डायनिंग हॉल, लाण्ड्री, 02 लिफ्ट, भोजन व्यवस्था, लिफ्ट तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि शहीद पथ स्थित कैम्पस में 1000 बेड के ब्रॉड स्पेशिलिटी सेवाओं का अस्पताल स्वीकृत हो गया है। यहां 100 शैय्या के क्रिटिकल केयर ब्लॉक हास्पिटल का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। साथ ही 888 कमरों का ब्वायज तथा गर्ल्स हॉस्टल का कार्य भी प्रगति में है। स्पोर्टस कॉप्लेक्स, नर्सिंग कॉलेज इत्यादि कार्य निर्माणाधीन हैं। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, निदेशक, डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान प्रो. सीएम सिंह, सीएमएस, मातृ एवं शिशु रेफरल सेंटर डॉ. श्रीकेश, सीएमएस डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुब्रत, डॉ. भुवन चंद्र, डॉ. प्रद्युमन एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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बिजनौर : BJP नेता और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल सिंह अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल

बिजनौर : BJP नेता और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल सिंह अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल 

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर भारतीय जनता पार्टी के नेता और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल सिंह ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की साइकिल का हैंडल थाम लिया.....

बिजनौर भारतीय जनता पार्टी के नेता और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल सिंह ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की साइकिल का हैंडल थाम लिया

बिजनौर भारतीय जनता पार्टी के नेता और राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष राहुल सिंह ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की साइकिल का हैंडल थाम लिया

यानी कि अब राहुल राहुल चौधरी साइकिल पर सवार हो गए हैं और सपा का दामन थाम लिया है। राहुल सिंह ने बिजनौर पहुंचकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब मन की नही जन की बात होगी और 2027 में अखिलेश यादव यूपी के सीएम होंगे।

दरअसल बिजनौर जिले के रहने वाले राहुल सिंह ने करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ रविवार को लखनऊ में हुए कार्यक्रम में रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्ष 2017 में बिजनौर सीट से चुनाव लड़ चुके राहुल सिंह भी सपा में शामिल हो गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सपा की सदस्यता दिलाई।


सोमवार को बिजनौर पहुंचने पर राहुल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कल उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद जी को यह आश्वासन देकर आए हैं कि जो पीडीए  फार्मूला और जो पीडीए की बात राष्ट्रीय अध्यक्ष करते हैं उस पीडीए को मजबूत करने का काम हम जनपद में करेंगे....और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के लिए दिन रात तन और मन धन से मेहनत करेंगे उन्होंने कहा कि अब मन की बात को छोड़कर जन की बात करने का समय आ गया है। क्योंकि अखिलेश जी जन की बात करते हैं। वहीं विधानसभा चुनाव में बिजनौर सदस्य सीट से विधायक की का टिकट लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक व्यक्ति की चुनाव लड़ने की इच्छा रहती है उन्होंने कहा कि मैं तो चुनाव लड़ भी चुका हूं दुर्भाग्य से 2022 में मेरा टिकट काट दिया गया था उन्होंने कहा कि वह भी चुनाव लड़ना चाहते हैं

बाइट- राहुल चौधरी, सपा नेता


AI Impact Summit : जियो-शिक्षा का स्मार्ट क्लासरूम : स्कूल बैग का बोझ होगा कम

AI Impact Summit : जियो-शिक्षा का स्मार्ट क्लासरूम : स्कूल बैग का बोझ होगा कम

• जियो-शिक्षा क्लासरूम बदल सकता है पढ़ाई का तरीका

• ब्लैकबोर्ड, किताबें, होमवर्क नोट्स और स्टडी मटीरियल, सब एक डिजिटल इकोसिस्टम में, एक क्लिक पर उपलब्ध

• AI के साथ घर और स्कूल के बीच बनेगा एक ही लर्निंग स्पेस

AI Impact Summit : जियो-शिक्षा का स्मार्ट क्लासरूम : स्कूल बैग का बोझ होगा कम

नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में लगे जियो पवेलियन पर जियो-शिक्षा क्लासरूम खास तौर पर पेरेंट्स और स्टूडेंट्स का ध्यान खींच रहा है। यह सिर्फ एक टेक डेमो नहीं, बल्कि पढ़ाई के तौर-तरीकों को बदलने की एक गंभीर कोशिश के रूप में सामने आया है। भारत में करीब 25 करोड़ छात्र पारंपरिक तरीकों से पढ़ाई कर रहे हैं। जियो-शिक्षा मॉडल का विज़न है कि आने वाले समय में स्कूलों को “AI पॉवर्ड लर्निंग हब्स" में बदला जा सके।

AI पॉवर्ड लर्निंग हब्स

जियो-शिक्षा क्लासरूम के दो बुनियादी स्तंभ हैं, जियो ई-बोर्ड और जियो ई-बुक। दोनों क्लाउड के जरिए जुड़े हैं। शिक्षक बोर्ड पर जो पढ़ाते हैं, वही कंटेंट सीधे विद्यार्थियों की ई-बुक तक पहुंच जाता है। इससे न नोट्स कॉपी करने का झंझट रहता है और न ही भारी किताबों का बोझ। ई-बुक में न सिर्फ पाठ्यपुस्तकें, बल्कि उनसे जुड़े वीडियो, क्विज़ और अतिरिक्त अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध रहती है। यानी ब्लैकबोर्ड, किताबें, होमवर्क नोट्स और स्टडी मटीरियल, सब एक डिजिटल इकोसिस्टम में, एक क्लिक पर उपलब्ध।

AI ट्यूटर कॉन्सेप्ट

पढ़ाई का असर तभी गहरा होता है जब छात्र अपनी गति और अपने समय के अनुसार सीख सकें। जियो-शिक्षा इसी निरंतरता पर जोर देता है, ताकि क्लासरूम और घर के बीच पढ़ाई का प्रवाह बना रहे। जो भी कंटेंट क्लासरूम में पढ़ाया जाता है, उसे छात्र घर पर भी आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। मॉडल का AI ट्यूटर कॉन्सेप्ट क्लैरिटी देता है, अलग-अलग भाषाओं में संवाद कर सकता है और हर छात्र के लिए अलग लर्निंग पाथ सुझा सकता है। इससे रटने की संस्कृति से हटकर समझ आधारित पढ़ाई की दिशा में कदम बढ़ाने की बात की जा रही है।

जियो-शिक्षा क्लासरूम मॉडल का फोकस सिर्फ छात्रों पर नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी है। शिक्षक पढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे सकें, इसलिए सिस्टम ऑटोमेटेड इवैल्यूएशन, रियल-टाइम परफॉर्मेंस डेटा और एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ में कमी जैसे फीचर प्रदान करता है। प्रिंसिपल और अभिभावकों को भी छात्रों की प्रगति का रियल-टाइम डेटा मिल सकता है, जिससे समय रहते शैक्षणिक हस्तक्षेप संभव हो सके।

फिलहाल यह मॉडल शुरुआती चरण में है और कुछ ही स्कूलों में लागू हुआ है, लेकिन इसकी दिशा संकेत देती है कि भविष्य का क्लासरूम कैसा हो सकता है। इसे केवल एक टेक प्रोडक्ट की तरह नहीं, बल्कि एक विकसित होते लर्निंग सिस्टम की तरह देखा जा रहा है। यदि यह मॉडल व्यापक रूप से लागू होता है, तो यह न सिर्फ स्कूल बैग का बोझ कम करेगा, बल्कि सीखने को ज्यादा व्यक्तिगत, सुरक्षित और सुलभ बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की बड़ी घोषणा : शिक्षामित्रों को ₹18,000 तथा अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की बड़ी घोषणा : शिक्षामित्रों को ₹18,000 तथा अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय

अप्रैल माह से शिक्षामित्रों को ₹18,000 तथा अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय दिया जाएगा। हम इसके भुगतान की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने जा रहे हैं..... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

#नवनिर्माण_के_9_वर्ष


Outfit से लेकर Oily Skin तक - AI बना आपका पर्सनल स्टाइल बडी

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जियो पवेलियन में ‘Your Intelligent Wardrobe’ ने खींचा ध्यान

डिजिटल क्लोसेट से स्किन स्कैन तक, Gen Z में दिखा खास उत्साह

•      “आप किस तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं” इस सबका हिसाब AI रखेगा

•     AI-पावर्ड फेस स्किन एनालिसिस टूल, फोटो अपलोड करते ही 14 से अधिक पैरामीटर पर त्वचा का विश्लेषण, जैसे एक्ने, पिगमेंटेशन, रिंकल्स और स्किन टोन

Outfit से लेकर Oily Skin तक - AI बना आपका पर्सनल स्टाइल बडी

नई दिल्ली, 20 फरवरी : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ चैटबॉट या कोडिंग तक सीमित नहीं दिखा। जियो के पवेलियन में AI ने फैशन और ब्यूटी की दुनिया में भी जबर्दस्त एंट्री मारते हुए यह दिखाया है कि आने वाले समय में “आप क्या पहनते हैं”, “आपकी त्वचा कैसी है” या “आप किस तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं” इस सबका हिसाब AI रखेगा।

आपकी अलमारी अब डेटा-ड्रिवन

Your Intelligent Wardrobe’ नाम के डेमो में पेश किया गया डिजिटल क्लोजेट (Digital Closet) यूजर्स को अपनी पूरी अलमारी का डिजिटल कैटलॉग बनाने की सुविधा देता है। कपड़ों की फोटो अपलोड करते ही आपका वर्चुअल क्लोसेट तैयार हो जाता है।

सिस्टम का “वॉर्डरोब इनसाइट्स” फीचर बताता है कि कौन-से कपड़े ज्यादा पहने गए और कौन-से महीनों से “इंतजार” कर रहे हैं। यानी AI अब यह भी पूछ सकता है - “यह जैकेट आखिरी बार कब पहनी थी?”

इसके साथ “AI स्टाइलिस्ट” आपके ही क्लोसेट से पर्सनलाइज्ड आउटफिट सजेशन देता है। लुकबुक्स और आउटफिट कैलेंडर जैसे फीचर रोज़ाना के पहनावे को ट्रैक करने में मदद करते हैं, जबकि मिक्स एंड मैच टूल नए कॉम्बिनेशन आज़माने का मौका देता है। फैशन अब सिर्फ पसंद का नहीं, डेटा का भी खेल बनता दिख रहा है।

अब स्किन भी होगी स्मार्ट स्कैन

पवेलियन में मौजूद AI-पावर्ड फेस स्किन एनालिसिस टूल ने भी खासा आकर्षण खींचा। फोटो अपलोड करते ही सिस्टम 14 से अधिक पैरामीटर पर त्वचा का विश्लेषण करता है, जैसे एक्ने, पिगमेंटेशन, रिंकल्स और स्किन टोन।

इसके बाद यूजर को पर्सनलाइज्ड स्किनकेयर रूटीन और प्रोडक्ट सजेशन मिलते हैं। पारंपरिक प्रश्नावली भरने की बजाय रियल-टाइम स्कैनिंग का अनुभव इसे ज्यादा इंटरएक्टिव बनाता है। साथ ही, स्किन GPT चैटबॉट और “फ्यूचर स्किन सिमुलेशन” जैसे फीचर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि सुझाए गए प्रोडक्ट्स से संभावित बदलाव कैसे दिख सकते हैं।

Gen Z कनेक्शन

खासतौर पर युवा महिला विज़िटर्स के बीच इन इंटरएक्टिव डेमो को लेकर खास उत्साह देखा गया। कैमरा-आधारित, इंस्टेंट और पर्सनल अनुभव ने टेक्नोलॉजी को ज्यादा “रिलेटेबल” बना दिया।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये समाधान भविष्य में किसी बड़े कमर्शियल इकोसिस्टम का हिस्सा बनेंगे या नहीं, लेकिन इतना जरूर साफ है कि AI अब केवल जवाब देने तक सीमित नहीं रहना चाहता। वह आपकी अलमारी सहेजने, फैशन ट्रेंड्स बताने और आपकी त्वचा पढ़ने तक पहुंच चुका है। AI का यह नया अवतार बताता है कि आने वाले समय में स्टाइल और स्किन दोनों हो सकते हैं पूरी तरह डेटा-ड्रिवन।

रिलायंस फाउंडेशन की अगुवाई में 170 करोड़ रुपये का ‘ShikshaNext’ पहल लॉन्च

रिलायंस फाउंडेशन की अगुवाई में 170 करोड़ रुपये का ‘ShikshaNext’ पहल लॉन्च

2029 तक 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों को AI-आधारित सीखने के अवसर देने का लक्ष्य

गेट्स फाउंडेशन सह-एंकर, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन मैनेजिंग पार्टनर

रिलायंस फाउंडेशन की अगुवाई में 170 करोड़ रुपये की बहु-साझेदार शिक्षा पहल ‘ShikshaNext’ की शुरुआत की गई है

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026 : रिलायंस फाउंडेशन की अगुवाई में 170 करोड़ रुपये की बहु-साझेदार शिक्षा पहल ‘ShikshaNext’ की शुरुआत की गई है। तीन वर्षीय इस पहल का उद्देश्य 2029 तक देशभर में 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों, विशेषकर वंचित समुदायों के विद्यार्थियों, को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अवसर उपलब्ध कराना है।

इस पहल का शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान किया गया। ‘ShikshaNext’ में रिलायंस फाउंडेशन संस्थापक रणनीतिक साझेदार की भूमिका निभा रहा है। इसके साथ गेट्स फाउंडेशन सह-एंकर पार्टनर है, जबकि सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन मैनेजिंग पार्टनर के रूप में कार्यक्रम के क्रियान्वयन का समन्वय करेगा। इसके अतिरिक्त माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन भी इस पहल को वित्तीय सहयोग दे रहा है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में शिक्षा में AI और तकनीक की भूमिका अहम होगी। उन्होंने इसे सरकार, समाज और संस्थाओं के सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया और एडटेक को “सबका एडटेक” बनाने पर जोर दिया।

रिलायंस फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि संस्था का दृष्टिकोण है कि देश का हर बच्चा अपनी क्षमता को साकार करने का अवसर पाए। पिछले दशक में डिजिटल कनेक्टिविटी और 5G के विस्तार ने शिक्षा को देश के दूरदराज इलाकों तक पहुंचाने की नई संभावनाएं पैदा की हैं। 

यह पहल तीन प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए लागू की जाएगी। EdTech ScaleX के तहत प्रमाणित एडटेक और AI समाधानों को राज्य शिक्षा प्रणालियों से जोड़ा जाएगा। EdTech Accelerator उच्च गुणवत्ता वाले समाधानों के विकास और विस्तार को समर्थन देगा। वहीं EdTech & AI Innovation Hub भारतीय भाषाओं और विविध शिक्षण संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नवाचारों का परीक्षण और सत्यापन करेगा।

AI Impact Summit : मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान- डेटा की तरह सस्ती होगी AI, जियो जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से

AI Impact Summit : मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान- डेटा की तरह सस्ती होगी AI, जियो जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से

7 साल में करेंगे ₹10 लाख करोड़ निवेश, जामनगर में गीगावॉट-स्केल AI इंफ्रा

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए AI प्लेटफॉर्म लॉन्च

AI, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को नई गति देगा- अंबानी 

AI Impact Summit : मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान- डेटा की तरह सस्ती होगी AI, जियो जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से

नई दिल्ली, 19 फरवरी 2026 : उद्योगपति मुकेश अंबानी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “भारत इंटेलिजेंस किराये पर नहीं ले सकता” और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब “इंटेलिजेंस एरा” से जोड़ेगा।

इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा कि यह निवेश भारत में मजबूत AI ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। साथ ही जियो अपने नेटवर्क के जरिए देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध कराएगा, जिससे AI सेवाएं कम लागत और तेज़ गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें।

अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। इसी क्रम में शिक्षा के लिए जियो शिक्षा AI, स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य AI, कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत IQ जैसे प्लेटफॉर्म पेश किए गए, जो स्थानीय भाषाओं में AI आधारित सहायता उपलब्ध कराएंगे।

मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी AI शक्ति बन सकता है, बशर्ते तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। जियो की इन घोषणाओं से संकेत मिलता है कि कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी AI को अगला राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेंगा बल्कि, यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नए अवसर पैदा करेगा।

अपने संबोधन की शुरुआत में अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि AI-आधारित विकास की यह पहल, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकती है।

(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता

(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता 

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता की गयी। नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा अब तक प्राप्त फार्म-6 एवं फार्म-7 की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।

(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता

नोटिसों की सुनवाई

6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1.04 करोड़ मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 2.22 करोड़ मतदाता सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके क्रम में अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग  1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है। 

नोटिसों की सुनवाई की प्रगति

•5 फरवरी, 2026 तक 30 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गयी थी, जो 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख से बढ़कर 18 फरवरी को 1.15 करोड़ हो चुकी है। विगत तीन दिवसों में 35 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई की गई है। सुनवाई की इस गति को बनाये रखते हुए निर्धारित अवधि में सुनवाई पूर्ण कर ली जायेगी। 

•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारम्भ में प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 13,161 हो चुकी है। अधिसूचित अधिकारियों द्वारा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है। पूर्व में नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या 3,984 थी, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गई है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर जाकर भी सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कि मतदाताओं को सुनवाई हेतु कम से कम दूरी तय करनी पड़े।

•अभियान के अंतर्गत नो मैपिंग से संबंधित मतदाता अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा सुनवाई के समय आयोग द्वारा जन्म तिथि अथवा/और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अभिलेखीय साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है। 

•तार्किक विसंगति से संबंधित नोटिस उन मतदाताओं को जारी किया जा रहा है जहां मतदाता के नाम में विसंगति हो, मतदाता और उसके अभिभावक की आयु में अन्तर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक का हो, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अन्तर हो, 6 अथवा अधिक मतदाताओं की मैपिंग पिता के रूप में एक ही व्यक्ति से की गयी हो।

•बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा मतदाता के किसी निकट संबंधी को दी जायेगी तथा उसकी पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड की जायेगी। 

•बीएलओ द्वारा ऐप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किये गये व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई अभिलेख तथा बीएलओ द्वारा की गयी घोषणा अपलोड की जायेगी। 

•मतदाता अथवा संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता अथवा संबंधी का फोटो ऐप पर अपलोड किया जायेगा। 

फार्म-6

आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख तथा पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी, 2026 तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। 

फार्म-7

प्रदेश में नाम कटने के प्रकरणों को लेकर फैली भ्रांतियों का तथ्यात्मक विश्लेषणः- 

•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला एवं 84,667 पुरूष तथा 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। 

•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए, जिसमें 76,866 महिला, 1.12 लाख पुरूष तथा तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं। 

•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी, 2026 से 16 फरवरी 2026 तक प्राप्त 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है तथा 16,863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिये गये आवेदनों की संख्या मात्र 47,684 है। 

•इन संख्याओं के सापेक्ष 6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23,935 मतदाताओं के नाम विलोपित किये गये हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14,388 तथा स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5,211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किये जाने हेतु दिये गये फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4,336 है।  

•जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों की जानकारी हेतु दावा एवं आपत्ति अवधि में बूथवार प्रत्येक दिन प्राप्त फार्म-7 की संकलित सूची जिसे फार्म-10 कहा जाता है, संबंधित विधान सभा के ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है। 

जून एवं सितम्बर 2025 में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया संबंधित प्रशिक्षण से वंचित रह गये जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी 17 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को एसआईआर प्रक्रिया विशेषकर तार्किक विसंगति में प्राप्त नोटिसों में सुनवाई तथा फार्म-6 भरने से संबंधित जानकारी पुनः स्पष्ट कर दी जाये।    

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक वैधानिक प्रक्रिया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार संचालित होती है। आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान नागरिक द्वारा नाम जोड़ने तथा मतदाता द्वारा संशोधन अथवा किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश के नागरिकों और राजनैतिक दलों से अपील है कि तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा करें और एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करें।

INDIA AI : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने रखा ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ का खाका

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने रखा ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ का खाका

स्वदेशी और सॉवरेन AI इकोसिस्टम पर जोर

ग्रीन डेटा सेंटर से भारतीय भाषाओं तक, पूरी AI वैल्यू चेन पर फोकस

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने रखा ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ का खाका

नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026 : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने अपने ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ की रूपरेखा पेश की। कंपनी तकनीकी रूप से इसे ‘जियो AI स्टैक’ नाम देती है और दावा करती है कि इसे भारत की जरूरतों और बड़े पैमाने की मांग को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। जियो इंटेलिजेंस के तहत विकसित किया जा रहा यह स्टैक केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक फुल-स्टैक AI इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जा रहा है। 

नेशन-फर्स्ट AI स्टैक

‘जियो AI स्टैक’ में गीगावॉट स्तर के ग्रीन डेटा सेंटर, उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग व्यवस्था, प्लेटफॉर्म और फ्रेमवर्क, भारतीय भाषाओं पर आधारित डेटा फाउंडेशन, बहुभाषी इंटेलिजेंस लेयर और विभिन्न क्षेत्रों के लिए एप्लिकेशन शामिल हैं। देश में मल्टी-गीगावॉट AI डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जो 100% ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर की टिकाऊ AI क्षमता तैयार की जा सके।

AI आधारित समाधान

‘जियो AI स्टैक’ को एक ‘सॉवरेन’ AI इकोसिस्टम के रूप में प्रस्तुत किया गया है, यानी ऐसा ढांचा जो देश में विकसित हो और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हो। कंपनी का कहना है कि इसके जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, छोटे व्यवसायों और रोजमर्रा की सेवाओं में AI आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक जियो AI स्टैक का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हर भारतीय, साथ ही एंटरप्राइज और सरकारी संगठनों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। इसके तहत भारतीय भाषाओं को समझने और स्थानीय चुनौतियों का समाधान करने वाली AI क्षमताओं पर विशेष जोर दिया गया है।

अपनी भाषा में  AI इंटरैक्शन

स्थानीय संदर्भ में विकसित इंटेलिजेंस के लिए व्यापक भारतीय भाषाओं के डेटा सेट तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षित, बहुभाषी वॉयस AI और एजेंटिक प्लेटफॉर्म पर काम किया जा रहा है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी भाषा में सहज AI इंटरैक्शन कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में AI की दौड़ अब केवल तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा संप्रभुता, ऊर्जा दक्षता, भाषाई विविधता और बड़े पैमाने पर पहुंच जैसे पहलुओं से भी जुड़ गई है। ऐसे में जियो AI स्टैक जैसे मॉडल देश के दीर्घकालिक डिजिटल और आर्थिक विकास में किस हद तक योगदान देते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।


मनरेगा बचाओं संग्राम : लखनऊ में हुआ कांग्रेस का प्रदर्शन

मनरेगा रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है- अविनाश पाण्डेय

कांग्रेस कार्यकर्ता दमनकारी नीतियों से ना डरेगा, ना झुकेगा, ना रुकेगा-अजय राय

मनरेगा से महिलाओं को सम्मान सहित रोजगार का अवसर उपलब्ध होता था- आराधना मिश्रा मोना

दिनांक, 17 फरवरी 2026 : मनरेगा बचाओं संग्राम के तहत विधान सभा घेराव के लिए उ0प्र0 के कोन-कोने से राजधानी लखनऊ तक कांग्रेस जहां सड़क पर तानाशाह सरकार के खिलाफ लड़ रही थी वहीं शासन और प्रशासन सत्ता के इशारे पर विधान सभा घेराव कार्यक्रम को लाठी डंडे के बल पर रोंकने का असफल प्रयास करती नज़र आई।

पुलिस प्रशासन द्वारा पिछले दो दिनों से कांग्रेस कार्यकाताओं को कानूनी नोटिस देने के साथ उत्पीडित किया जा रहा था उसके वावजूद जब कार्यकर्ता नहीं माने तो कल से ही कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही कैद करना शुरू कर दिया गया। इसके बावजूद बड़ी तादात में जो कार्यकर्ता नेता निकलने में कामयाब हो गए उन्हें रास्तों में भी रोकने का प्रयास किया गया परंतु तमाम रोक-टोक एवं प्रशासनिक दांव पेंच के बावजूद भी हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी-पूर्व मंत्री के आहवान पर विधानसभा के घेराव हेतु लखनऊ पहुंचने में कामयाब रहे।

लखनऊ में भारी पुलिस बल और बैरीकेडस लगाकर कांग्रेस कार्यालय के चारों तरफ जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया और छावनी में तब्दील कर दिया गया। जोश में भरे हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से जूझते रहे और विधानसभा की तरफ कूच करते रहे जिसके दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया जिसमें प्रदेश कंआग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी सहित कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता चोटिल हो गए।






कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश की जनविरोधी नीतियों, मनरेगा योजना के विरूद्ध हो रहे कुचक्र, मजदूरों के बकाया भुगतान तथा ग्रामीण आजीविका पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करतेे हुए शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर बढे़ जिन्हें रोकने के लिए के लिए प्रदेश की योगी सरकार द्वारा भारी पुलिस बल तैनात किया गया तथा जगह-जगह बैरिकेडस लगाए गए परंतु फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे जज्बे के साथ नारे लगाते हुए विधानसभा की ओर आगे बढ़े जिस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच धक्का-मुक्की एवं तीखी नोक-झोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई और पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर सख्ती पूर्वक रोंकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना ‘‘मिश्रा’’ मोना, राष्ट्रीय सचिव सहप्रभारी उ0प्र0 धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, नीलांशू चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, सांसद श्री के0एल0 शर्मा, विधायक वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी एव डॉ0 शहजाद आलम आगे बढ़ते हुए बैरीकेडस पर चढ़कर पुलिस की तमाम तैयारियों को धता बताते हुए सरकार की दमनकारी नीति को असफल करने में कामयाब रहे। तद्पश्चात डरे हुए प्रशासन ने सत्ता के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी श्री अविनाश पाण्डेय सहित उक्त सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके बसों के माध्यम से अस्थाई जेल ईको गार्डेने ले जाया गया।

इस मौके प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय जी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की समग्र आर्थिक प्रणाली को चलाने वाला आधार स्तंभ था। मनरेगा कोरोना काल की भीषण महामारी के दौर में प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराकर जीवनदायिनी साबित हुई। यह आय, अवसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा सभी को मजबूती प्रदान कर वास्तव में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य किया, जिसे मोदी सरकार खत्म करने पर अमादा है। इसे बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में एक विशाल मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ रखा है जिसके तहत देश के सभी राज्यों के प्रत्येक जिलों में चौपाल, धरना प्रदर्शन एवं लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

इस मौके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा मजदूरों, गरीबों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि दमन और लाठीचार्ज से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं, बल्कि और मजबूती से जनसंघर्ष को आगे बढ़ श्री राय ने कहा कि यदि मनरेगा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता ना डरेगा, ना झुकेगा, ना रूकेगा।

इस मौके उ0प्र0 कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना जी ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से महिलाओं को अपनी गांव में सम्मान सहित रोजगार उपलब्ध होता था इसको कमजोर कर भाजपा सरकार ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल में बेहद संवेदनशील भावना निहित है कि मजदूरों को आवश्यकता के समय रोजगार उनके गांव में ही उपलब्ध होगा जिससे उन्हें रोजगार की तलाश में अपने परिवार को छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ता है।

 प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक सतीश अजमानी, भगवती प्रसाद चौधरी, श्याम किशोर शुक्ला, धीरेन्द्र सिंह धीरू, सोहेल अख्तर अंसारी, इन्दल रावत, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, शरद मिश्रा, विश्वविजय सिंह, आलोक प्रसाद, केशवचन्द्र यादव, विवेकानंद पाठक, सरिता पटेल, अरशद खुर्शीद, संजीव शर्मा, मुकेश सिंह चौहान, संजय दीक्षित, मनीष हिंदवी, डॉ0 उमा शंकर पाण्डेय, अंशू अवस्थी, प्रियंका गुप्ता, डॉ0 अलीमुल्लाह खान, पुनीत पाठक, सचिन रावत, डॉ0 राजकुमार मौर्या, प्रतिभा अटल पाल, उ0प्र0 कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव, विधि विभाग के चेयरमैन आसिफ रिजवी रिंकू, चिकित्सा प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ0 आजाद बेग, शिक्षक प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ0 अमित कुमार राय, यूवा कांग्रेस मध्यजोन के कार्य0 अध्यक्ष अकित तिवारी, एनएसयूआई मध्यजोन अध्यक्ष अनस रहमान, महिला कांग्रेस पूर्वी जोन अध्यक्ष शहला अहरारी, करिश्मा ठाकुर, किसान कांग्रेस मध्यजोन के अध्यक्ष बृज मौर्या, हम्माम वहीद, श्रवण गुप्ता, अनामिका यादव, सिद्धिश्री, अमानुर रहमान, आशुतोष मिश्रा, पंकज तिवारी, संजीव पाण्डेय, प्रमोद सिंह, वेद प्रकाश त्रिपाठी, देवांश तिवारी, बृजेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र मदान, जिला कांग्रेस कमेटी प्रतापगढ़ के अध्यक्ष नीरज त्रिपाठी, उन्नाव के सुरेन्द्र कुशवाहा, सीतापुर की अध्यक्ष ममता वर्मा, धीरज श्रीवास्तव सहित प्रदेश के कई जनपदों के जिला/शहर अध्यक्षगण शामिल रहे। इसके साथ सांसद श्री तनुज पुनिया, राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी सहित प्रदेश भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकताओं, नेताओं एवं जिला/शहर अध्यक्षगणों को हाउस अरेस्ट किया गया।

"सामाजिक न्याय की अधूरी लड़ाई को पूरा करने का समय आ गया है" : अनीस मंसूरी

"सामाजिक न्याय की अधूरी लड़ाई को पूरा करने का समय आ गया है" : अनीस मंसूरी

​कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर पसमांदा मुस्लिम समाज ने राजधानी लखनऊ से भरी हुंकार

"सामाजिक न्याय की अधूरी लड़ाई को पूरा करने का समय आ गया है" : अनीस मंसूरी

लखनऊ। "सामाजिक न्याय केवल नारों और प्रतीकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि जननायक कर्पूरी ठाकुर को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है, तो उनके 'कर्पूरी फॉर्मूला' को व्यवहार में उतारते हुए पसमांदा समाज को सत्ता और संसाधनों में उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। अब सामाजिक न्याय की अधूरी लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने का समय आ गया है।"

​यह ओजस्वी आह्वान पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने लालबाग स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी के दौरान किया। अवसर था बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि का, जिसे पसमांदा समाज ने महज एक औपचारिक कार्यक्रम न रखकर 'प्रतिनिधित्व और भागीदारी' के एक बड़े विमर्श में बदल दिया।


अनीस मंसूरी ने अपने संबोधन में बताया कि 1978 के 'कर्पूरी फॉर्मूला' की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि उस ऐतिहासिक निर्णय ने अत्यंत पिछड़े वर्गों (EBC) की पहचान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा था, जिसका लाभ मुस्लिम समाज के पिछड़े तबकों को भी मिला। लेकिन आज भी पसमांदा मुस्लिम समाज शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में उपेक्षित है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों आबादी के अनुपात में भागीदारी की बात होने पर पसमांदा समाज को हाशिये पर धकेल दिया जाता है?

गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पसमांदा समाज आर्थिक तंगी, शैक्षिक पिछड़ेपन और सामाजिक उपेक्षा की त्रिस्तरीय चुनौती का सामना कर रहा है। श्री मंसूरी ने मांग की कि धर्म के बजाय सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को आधार मानकर नीतियों की समीक्षा की जाए और अत्यंत पिछड़े वर्गों के भीतर पसमांदा मुसलमानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर ठोस कदम उठाए जाएं। कार्यक्रम के अंत में कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने संकल्प लिया कि वे सामाजिक न्याय और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व की इस मांग को हर राजनीतिक मंच तक लेकर जाएंगे।

जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

AI करेगा शुरुआती जांच, जरूरत पड़ने पर सीधे डॉक्टर से जोड़ेगा

‘वॉयस AI डॉक्टर’ करेगा प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद 

प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड बनाने का दावा 

जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

नई दिल्ली, 17 फरवरी, 2026: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो पवेलियन पर प्रदर्शित ‘जियो आरोग्य AI’ ने प्राइमरी हेल्थकेयर के क्षेत्र में AI-आधारित क्लिनिक मॉडल पेश किया है। यह AI-पावर्ड सिस्टम कुछ ही मिनटों में मरीज के अहम हेल्थ पैरामीटर्स की स्क्रीनिंग कर उनका एनालिसिस करता है, संभावित रिस्क की पहचान करता है और जरूरत के मुताबिक स्पेशलिस्ट रेफरल की सलाह देता है। कंपनी का दावा है कि इसका मकसद देश के प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को AI-इनेबल्ड क्लिनिक में बदलना है, ताकि दूरदराज़ इलाकों में भी फास्ट और अफोर्डेबल हेल्थकेयर उपलब्ध हो सके।

इस सिस्टम में मरीज एक AI-एनेबल्ड डायग्नोस्टिक डिवाइस यानी स्मार्ट मिरर के सामने खड़ा होता है, जो आंखों, त्वचा और अन्य विज़ुअल संकेतों के आधार पर जरूरी रीडिंग लेता है। AI इन आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रारंभिक हेल्थ असेसमेंट तैयार करता है। मरीज अपनी समस्या बोलकर ‘वॉयस AI डॉक्टर’ को बता सकता है। जरूरत पड़ने पर वॉयस AI डॉक्टर मरीज से अतिरिक्त सवाल भी पूछता है। इसकी खासियत यह है कि यह कई प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद कर सकता है।

‘जियो आरोग्य AI’ मरीजों को अलग-अलग कैटेगरी में वर्गीकृत कर सकता है और जिन मामलों में तुरंत डॉक्टर की जरूरत हो, उन्हें प्राथमिकता से रेफर करता है। इससे डॉक्टरों का रूटीन वर्कलोड कम होने और गंभीर मामलों पर ज्यादा ध्यान देने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार, AI सिस्टम केवल प्रारंभिक असेसमेंट तैयार करता है और दवा या अन्य मेडिकल सहायता डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं दी जाती।

कंपनी का कहना है कि यह मॉडल मौजूदा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जहां कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां AI क्लिनिक स्थापित किए जा सकते हैं। पोर्टेबल एक्स-रे और पोर्टेबल ईसीजी जैसे डिवाइस भी इससे जोड़े जा सकते हैं। साथ ही मरीज जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन कंसल्टेशन और दवाओं की डिजिटल ऑर्डरिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।

देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार का फायदा उठाते हुए यदि जियो आरोग्य AI जैसे मॉडल बड़े पैमाने पर लागू होते हैं, तो यह शुरुआती जांच और विशेषज्ञ सलाह के बीच की दूरी कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।