एडवाइजरी जारी : सर्पदंश में घबराएं नहीं, अस्पताल पहुंचें : ब्रजेश पाठक
एडवाइजरी जारी : सर्पदंश में घबराएं नहीं, अस्पताल पहुंचें : ब्रजेश पाठक
बारिश में सर्पदंश के मामलों पर डिप्टी सीएम के अस्पतालों को निर्देश, जारी हुई एडवाइजरी
कहा- हर जिले में पर्याप्त हैं एंटी स्नेक वेनम, खेतों में काम करने वालों से खास सतर्कता बरतने की अपील
लखनऊ, 17 अगस्त : बारिश के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पतालों में एंटी स्नेक वैनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही सर्पदंश के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दूसरी जरूरी दवाओं का स्टॉक भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर तराई क्षेत्र के अस्पतालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तराई क्षेत्र के अलावा सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वैनम समेत सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश में घबराएं नहीं, समय पर अस्पताल पहुंचें। अस्पतालों में डॉक्टर और कर्मचारियों की टीम को भी सतर्क रखा जाए, ताकि सर्पदंश के मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त एंटी स्कैन वेनम व दूसरी दवाओं का स्टॉक है। मरीजों के भर्ती के भी पुख्ता इंतजाम है।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। इससे सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर विशेष सावधानी बरतें। सांप के काटने की आशंका होने पर मरीज को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
*अस्पतालों को दिए निर्देश*
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पतालों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि केवल गंभीर मरीजों को ही दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर किया जाए। रेफर करने से पहले मरीज को प्राथमिक उपचार जरूर दिया जाए। अस्पतालों की इमरजेंसी में 24 घंटे सर्पदंश का इलाज उपलब्ध है। डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराएं नहीं, घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
*सर्पदंश से बचने के उपाय*
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें
खेतों में काम करते समय पैर ढकने वाले जूते पहनें
घर के आसपास घास-फूस और कचरा जमा न होने दें
जूते और कपड़े पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें
सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें
बारिश में खेत, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें।
*सांप काट ले तो क्या न करें*
घरेलू उपचारों से बचें, सीधे अस्पताल पहुंचें।
काटे हुए स्थान पर कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें।
मरीज को खुद वाहन चलाकर अस्पताल न जाने दें।
घाव पर मिट्टी, राख, जड़ी-बूटी या कोई रसायन न लगाएं।
घाव पर चीरा न लगाएं और खून निकालने की कोशिश न करें।
समय बर्बाद किए बिना नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचें।





















































