BREAKING NEWS

Big story

News

Featured Post

बड़ी खबर...दिल के बदले दिल : PGI में सफल ह्दय प्रत्यारोपण, महिला का बदला दिल

दिल के बदले दिल : PGI में सफल ह्दय प्रत्यारोपण, महिला का बदला दिल   पीजीआई में पहली बार धड़का नया दिल, चिकित्सा जगत में उपलब्धि डिप्टी सीएम ...

Pageviews

BIG STORIES

Event more news

Latest Updates

मील का पत्थर बनेगा पीजीआई में यूपी का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण: ब्रजेश पाठक

मील का पत्थर बनेगा पीजीआई में यूपी का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण : ब्रजेश पाठक

उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों की सराहना की, चिकित्सकीय टीम का किया सम्मान

कहा- यह ऑपरेशन यूपी के अत्याधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐतिहासिक उपलब्धि

मील का पत्थर बनेगा पीजीआई में यूपी का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण: ब्रजेश पाठक

लखनऊ, 25 अप्रैल 2026 : संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में उत्तर प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है और आने वाले समय में पीजीआई देश-दुनिया में चिकित्सा के क्षेत्र में मार्गदर्शक बनेगा। यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। 






संस्थान परिसर में आयोजित ऑपरेशन में शामिल टीम के सम्मान समारोह में डिप्टी सीएम ने कहा कि पीजीआई की प्रगतिशील कार्यशैली और चिकित्सकों की मेहनत से यह संभव हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान जल्द ही चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यहां की सेवाओं पर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, नेपाल और आसपास के राज्यों के मरीज भी भरोसा करते हैं, जो पीजीआई की गुणवत्ता का प्रमाण है। सरकार द्वारा व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उच्चस्तरीय एवं गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

अस्पतालों में लगातार बढ़ रही बेड्स की संख्या

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार द्वारा अस्पताल में बेड की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है, विशेष रूप से क्रिटिकल केयर और आईसीयू बेड्स की उपलब्धता पर ध्यान दिया जा रहा है। इमरजेंसी सेवाओं और ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भी पीजीआई ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

किसी भी मरीज को न हो परेशानी

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी मरीज को संसाधनों के अभाव में परेशानी न हो। इसके लिए जो भी परियोजनाएं संस्थान द्वारा भेजी जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा प्रस्तुत क्वालिटी केयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और इन्हें धरातल पर लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार हर स्तर पर पीजीआई के साथ खड़ी है और संस्थान को देश में नंबर एक बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर संकल्प लें तो पीजीआई न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सर्वोच्च केंद्र बन सकता है।

मरीजों के प्रति रहें संवेदनशील

उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें और किसी भी मरीज को बिना प्राथमिक उपचार के न लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बेड उपलब्ध न हो, तब भी प्राथमिक चिकित्सा देकर मरीज की उम्मीद बनाए रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने एक समन्वित तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को अन्य सरकारी अस्पतालों में भी समय पर भर्ती कराया जा सके। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है, इसलिए सभी को अपने पद और जिम्मेदारी का विनम्रता के साथ निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों को अहंकार से दूर रहने और टीम भावना के साथ कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी चिकित्सकों, स्टाफ और सहयोगियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर निदेशक प्रो० राधा कृष्ण धीमान, अपर प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित घोष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० देवेंद्र गुप्ता, विभागाध्यक्ष, सी०वी०टी०एस० डॉ० एस०के० अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी, एस०जी०पी०जी०आई० प्रो० आदित्य कपूर, एनेस्थीसिया विभाग, एस०जी०पी०जी०आई० से प्रो० पुनीत गोयल एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Read More

# Special : पीजीआई में पहली बार धड़का नया दिल, चिकित्सा जगत में उपलब्धि

# Outfit से लेकर Oily Skin तक के लिए AI

# लखनऊ : चाइनीज माँझा तथा सिंथेटिक व शीशा चढ़ी नायलॉन पतंग डोरी को लेकर सख्त निर्देश 

# हर मंडल में बनेगा लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर, डॉक्टरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

# AI Doctor : जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

# भारत अगले दो-तीन दशकों में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा- मुकेश अंबानी

# लखनऊ : हमारे खिलाड़ी देश-दुनिया में कर रहे प्रदेश का नाम रोशन : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

# हार्ट अटैक के मरीजों को मिल रही नई जिंदगी : ब्रजेश पाठक



RIL-results-Q4 : रिलायंस ने वर्ष 2025-26 और Q4 यानि चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए

RIL-results-Q4 : रिलायंस ने वर्ष 2025-26 और Q4 यानि चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए

1/n रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और Q4 यानि चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए। #RILResults Q4 FY2025-26

RIL-results-Q4 : रिलायंस ने वर्ष 2025-26 और Q4 यानि चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए

2/n — FY2025-26 में सालाना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू रिकॉर्ड Rs 11,75,919 करोड़ ($124.0 billion) रहा, जो Y-o-Y 9.8% बढ़ा है। ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान डिजिटल सर्विसेज़, जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का रहा, जिसमें 14.7% की बढ़त दर्ज की गई, इसके बाद रिटेल में 11.8% और O2C में 5.7% ग्रोथ रही। #RILresults

3/n — सालाना आंकड़े (कंसोलिडेटेड)

FY2025-26 में सालाना कंसोलिडेटेड EBITDA रिकॉर्ड Rs 2,07,911 करोड़ ($21.9 billion) रहा, जो Y-o-Y 13.4% बढ़ा है। जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के EBITDA में पूरे साल में 18.8% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि O2C में 10.1% और रिटेल में 7.9% ग्रोथ दर्ज की गई। #RILresults

4/n — FY2025-26 में सालाना कंसोलिडेटेड PAT (इसमें Associates और JVs का हिस्सा शामिल है) रिकॉर्ड Rs 95,754 करोड़ ($10.1 billion) रहा, जो Y-o-Y 17.8% बढ़ा। यह ग्रोथ जियो प्लेटफ़ॉर्म्स और रिटेल में दमदार कमाई के बल पर हुई है। #RILresults

5/n रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने FY2025-26 के लिए Rs 6/- प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया। #RILresults

6/n Q4 FY2025-26 में कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू Rs 3,25,290 करोड़ ($34.3 billion) रहा, जो Y-o-Y 12.9% बढ़ा। O2C, डिजिटल सर्विसेस और रिटेल—तीनों सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ रही। ऑयल एंड गैस सेगमेंट में KG D6 गैस प्रोडक्शन में नैचुरल गिरावट के कारण रेवेन्यू घटा। #RILresults

7/n Q4 FY2025-26 में कंसोलिडेटेड EBITDA Rs 48,588 करोड़ ($5.1 billion) रहा। डिजिटल सर्विसेज़ में मजबूत ग्रोथ और रिटेल के सकारात्मक योगदान को एनर्जी बिजनेस में गिरावट ने बैलेंस कर दिया, जहां मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण मार्जिन पर दबाव रहा। #RILresults

Read More

# Special : पीजीआई में पहली बार धड़का नया दिल, चिकित्सा जगत में उपलब्धि

# Outfit से लेकर Oily Skin तक के लिए AI

# लखनऊ : चाइनीज माँझा तथा सिंथेटिक व शीशा चढ़ी नायलॉन पतंग डोरी को लेकर सख्त निर्देश 

# हर मंडल में बनेगा लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर, डॉक्टरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

# AI Doctor : जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश

# भारत अगले दो-तीन दशकों में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा- मुकेश अंबानी

# लखनऊ : हमारे खिलाड़ी देश-दुनिया में कर रहे प्रदेश का नाम रोशन : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

# हार्ट अटैक के मरीजों को मिल रही नई जिंदगी : ब्रजेश पाठक



8/n Q4 FY2025-26 का कंसोलिडेटेड PAT (एसोसिएट्स और JV के हिस्से सहित) ₹20,589 करोड़ ($2.2 बिलियन) रहा। एनर्जी सेगमेंट की कम कमाई, डिजिटल सर्विसेज़ नेटवर्क एसेट्स में बढ़ोतरी के कारण बढ़ा हुआ डेप्रिसिएशन, और 5G स्पेक्ट्रम के ऑपरेशनल होने पर बढ़ा हुआ फाइनेंस कॉस्ट—इन सभी चीज़ों का इस तिमाही की बॉटमलाइन पर असर पड़ा। #RILresults

9/n Q4 FY2025-26 में पूंजीगत व्यय (Capex) ₹40,560 करोड़ ($4.3 billion) रहा, जिसे O2C, न्यू एनर्जी, जियो नेटवर्क विस्तार और खुदरा (Retail) इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास परियोजनाओं पर केंद्रित किया गया। पूरे वर्ष का Capex ₹1,44,271 करोड़ ($15.2 billion) रहा। Net Debt और EBITDA का अनुपात 0.64x रहा। #RILresults

10/n Q4 FY2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू ₹44,928 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले (Y-o-Y) 12.7% ज़्यादा है। इसकी मुख्य वजह नए सब्सक्राइबर का बड़ी संख्या में जुड़ना, ARPU में बढ़ोतरी और डिजिटल सेवाओं में लगातार हो रही ग्रोथ है। EBITDA ₹20,060 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 17.9% ज़्यादा है; इसके साथ ही मार्जिन 230 bps बढ़कर 52.4% हो गया। @reliancejio #RILresults

11/n Q4 FY2025-26 में जियो का सब्सक्राइबर बेस 52 करोड़ 44 लाख रहा, जिसमें इस तिमाही के दौरान 91 लाख की नेट बढ़ोतरी हुई। ARPU 214 रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले (Y-o-Y) 3.8% ज़्यादा है; इसकी वजह ग्राहकों की ज़्यादा भागीदारी और बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स है। साथ ही तिमाही में कम दिनों का प्रभाव भी इस पर पड़ा है। मासिक चर्न (churn) 1.7% पर स्थिर रहा। @reliancejio #RILresults

12/n Q4 FY2025-26 में, मार्च 2026 तक जियो का 5G सब्सक्राइबर बेस 26 करोड़ 80 लाख तक पहुँच गया; अब कुल वायरलेस ट्रैफिक में 5G का हिस्सा लगभग 55% है। FY26 के दौरान जियो ने 7 करोड़ 50 लाख से ज़्यादा 5G सब्सक्राइबर जोड़े। @reliancejio #RILresults

13/n Q4 FY2025-26 में 1 करोड़ नए सब्स्क्राइबर बढ़े। मार्च 2026 तक जियो का कुल फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्स्क्राइबर बेस 2 करोड़ 71 लाख रहा। इसका मार्केट शेयर लगभग 43% है, जो पिछले 12 महीनों में 10% बढ़ गया है। जियोएयरफ़ाइबर का सब्सक्राइबर बेस बढ़कर लगभग 1 करोड़ 30 लाख हो गया। FY26 में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में हुई कुल नेट बढ़ोतरी में इसका योगदान 70% से ज़्यादा रहा। @reliancejio #RILresults

14/n Q4 FY2025-26 में, जियो का कुल डेटा ट्रैफिक पिछले साल के मुकाबले (Y-o-Y) 35.0% बढ़कर 66.0 अरब GB हो गया। प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह रही। @reliancejio #RILresults

15/n Q4 FY2025-26 में, रिलायंस रिटेल का कुल राजस्व (gross revenue) 98,232 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले (Y-o-Y) 10.8% ज़्यादा है। EBITDA 6,921 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले (Y-o-Y) 3.1% ज़्यादा है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग तरह की खपत वाली चीज़ों (consumption baskets) में अच्छे प्रदर्शन की वजह से हुई। #RILresults 

16/n Q4 FY2025-26 रिलायंस रिटेल ने इस तिमाही में 333 नए स्टोर खोले, जिससे स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,160 हो गई। ये स्टोर 7 करोड़ 83 लाख वर्गफुट में फैले हैं। रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 38 करोड़ 70 लाख रही, जो पिछले साल की तुलना में (Y-o-Y) 10.9% ज़्यादा है। ट्रांज़ैक्शन यानी लेन-देन की संख्या 58 करोड़ 50 लाख रही, जो पिछले साल की तुलना में 62.0% ज़्यादा है। #RILresults

17/n Q4 FY2025-26 जियोमार्ट के हाइपर-लोकल कॉमर्स के औसत दैनिक ऑर्डर में, पिछली तिमाही की तुलना में (Q-o-Q) 29% और पिछले साल की तुलना में (Y-o-Y) 300% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में काम करता है और इसका नेटवर्क 3,100 से ज़्यादा स्टोर में फैल गया है। #RILresults 

18/n Q4 FY2025-26 O2C सेगमेंट का रेवेन्यू ₹1,84,944 करोड़ ($19.5 billion) रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12.4% ज़्यादा है। इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 12% (Y-o-Y) की तेज़ बढ़ोतरी और घरेलू ईंधन रिटेल में ज़्यादा बिक्री रही। EBITDA ₹14,520 करोड़ ($1.5 billion) रहा। #RILresults

19/n Q4 FY2025-26 O2C का EBITDA मध्य पूर्व के संघर्ष से पैदा हुई मुश्किलों के कारण प्रभावित हुआ – कच्चे तेल के फिजिकल बैरल पर प्रीमियम में तेज़ बढ़ोतरी, माल ढुलाई और बीमा की बढ़ी हुई लागत, डीज़ल और ATF के निर्यात पर SAED की फिर से शुरुआत, और रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की क़ीमत से कम रिकवरी। इन दबावों के बावजूद, ट्रांसपोर्टेशन ईंधन के मार्जिन मज़बूत रहे और कंपनी ने कच्चे तेल की स्मार्ट सोर्सिंग के ज़रिए ऑपरेशन जारी रखे। #RILresults

20/n Q4 FY2025-26 जियो-बीपी के ईंधन रिटेल नेटवर्क में 2,199 आउटलेट्स हैं। Q4 FY25 में आउटलेट्स की संख्या 1,916 थी। RBML की तिमाही बिक्री में HSD की बिक्री 24% और MS की बिक्री 37% (साल-दर-साल) बढ़ी, जबकि इंडस्ट्री में HSD की बिक्री में 6.1% और MS की बिक्री में 6.5% की बढ़ोतरी हुई। #RILresults

21/n Q4 FY2025-26 में ऑयल और गैस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹5,867 करोड़ ($619 million) रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 8.9% कम है। इसकी वजह KGD6 और CBM में गैस की कम क़ीमत मिलना और KGD6 फील्ड से गैस का कम उत्पादन होना है। EBITDA ₹4,195 करोड़ ($442 million) रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18.1% कम है। कम रेवेन्यू के साथ-साथ मेंटेनेंस के काम और सरकारी लेवी की वजह से ऑपरेटिंग खर्च भी बढ़ गया था। Q4 FY26 में KGD6 का औसत उत्पादन: 25.2 MMSCMD गैस और लगभग 17,310 bbl/दिन ऑयल/कंडेनसेट रहा। #RILresults

n/n Q4 FY2025-26 में जियोस्टार का रेवेन्यू ₹9,784 करोड़ रहा और EBITDA ₹827 करोड़ रहा। इस तिमाही के दौरान जियोहॉटस्टार के औसत मासिक एक्टिव यूज़र्स की संख्या 50 करोड़ रही। TV एंटरटेनमेंट की व्यूअरशिप में इसका हिस्सा 34.2% रहा। ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल मैच के दौरान जियोहॉटस्टार पर एक ही समय में सबसे ज़्यादा 7 करोड़ 25 लाख लोग लाइव देख रहे थे; यह इस प्लेटफॉर्म पर किसी भी कंटेंट के लिए अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। #RILresults

AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा जियो : आकाश अंबानी

52 करोड़ 40 लाख यूजर बेस और 5G नेटवर्क से ‘इंटेलिजेंस एरा’ की ओर बढ़ते कदम 

जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर से घर-घर कनेक्टिविटी का विस्तार 

बढ़ती डेटा खपत AI आधारित सेवाओं की मजबूत नींव 

मुंबई, 24 अप्रैल, 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

मुकेश डी. अंबानी, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

“वित्त वर्ष FY2025-26 के दौरान हमने वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना किया, अंतरराष्ट्रीय तनाव, ऊर्जा क़ीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार के बदलते पैटर्न। इनकी वजह से दुनियाभर के कारोबार प्रभावित हुए। इसके बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक रफ़्तार बनाए रखी और रिलायंस भी इस दौर में मज़बूती से आगे बढ़ता रहा। हमारे विविध बिज़नेस पोर्टफोलियो और मजबूत घरेलू फ़ोकस ने हमें इस अनिश्चित माहौल में संतुलन बनाए रखने में मदद की।

जियो लगातार भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदल रहा है। मुझे खुशी है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह एक मील के पत्थर की तरह होगा और भारत के डिजिटल भविष्य में उसकी भूमिका को और पुष्ट करेगा। पूरे साल में 19% की मजबूत EBITDA ग्रोथ- मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज़ में लगातार बढ़ती मांग की वजह से आई है। हम AI टूल्स और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं, और जियो आने वाले समय में यह तय करने की स्थिति में है कि भारत कैसे कम्युनिकेशन करेगा, कंप्यूट करेगा और कंटेंट का इस्तेमाल करेगा।

रिलायंस रिटेल ने भी पूरे साल स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया। मुझे भरोसा है कि उसका ओम्नी-चैनल नेटवर्क और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ आने वाले समय में लगातार ग्रोथ को आगे बढ़ाएगी। कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस, जो अब एक अलग और फोकस्ड स्ट्रक्चर में काम कर रहा है, तेज़ी से बढ़ रहा है और FMCG ब्रांड्स का दायरा भी बढ़ रहा है। भारत में खपत की कहानी अभी कई वर्षों तक चलने वाली है और हमारे बिजनेस इसके केंद्र में हैं।

O2C बिजनेस ने साल भर एक जटिल वैश्विक माहौल में काम किया। पश्चिम एशिया के युद्ध की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा। ऐसे समय में भी रिलायंस ने देश को ज़रूरी ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई। हमारी O2C टीम ने LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया, वहीं Jio-bp ने देशभर में ईंधन की सप्लाय बनाए रखी। KG-D6 बेसिन की गैस को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार ज़रूरी क्षेत्रों में भेजा गया। मुझे अपनी टीमों की प्रतिबद्धता और चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता पर गर्व है।

हाल के घटनाक्रमों ने ऊर्जा सुरक्षा की अहमियत को और स्पष्ट कर दिया है। मुझे खुशी है कि रिलायंस अपनी न्यू एनर्जी गीगा-फ़ैक्ट्रियों को तेज़ी से तैयार कर रहा है। यह बिज़नेस भविष्य में रिलायंस के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बनेगा और भारत की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”