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(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता

(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता 

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता की गयी। नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा अब तक प्राप्त फार्म-6 एवं फार्म-7 की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।

(SIR) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति के संबंध में प्रेसवार्ता

नोटिसों की सुनवाई

6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1.04 करोड़ मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 2.22 करोड़ मतदाता सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके क्रम में अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग  1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है। 

नोटिसों की सुनवाई की प्रगति

•5 फरवरी, 2026 तक 30 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गयी थी, जो 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख से बढ़कर 18 फरवरी को 1.15 करोड़ हो चुकी है। विगत तीन दिवसों में 35 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई की गई है। सुनवाई की इस गति को बनाये रखते हुए निर्धारित अवधि में सुनवाई पूर्ण कर ली जायेगी। 

•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारम्भ में प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर कुल 13,161 हो चुकी है। अधिसूचित अधिकारियों द्वारा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है। पूर्व में नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या 3,984 थी, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गई है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित अधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर जाकर भी सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे कि मतदाताओं को सुनवाई हेतु कम से कम दूरी तय करनी पड़े।

•अभियान के अंतर्गत नो मैपिंग से संबंधित मतदाता अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा सुनवाई के समय आयोग द्वारा जन्म तिथि अथवा/और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और अभिलेखीय साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है। 

•तार्किक विसंगति से संबंधित नोटिस उन मतदाताओं को जारी किया जा रहा है जहां मतदाता के नाम में विसंगति हो, मतदाता और उसके अभिभावक की आयु में अन्तर 15 वर्ष से कम अथवा 50 वर्ष से अधिक का हो, मतदाता और उसके दादा-दादी/नाना-नानी की आयु में 40 वर्ष से कम का अन्तर हो, 6 अथवा अधिक मतदाताओं की मैपिंग पिता के रूप में एक ही व्यक्ति से की गयी हो।

•बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा मतदाता के किसी निकट संबंधी को दी जायेगी तथा उसकी पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड की जायेगी। 

•बीएलओ द्वारा ऐप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किये गये व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई अभिलेख तथा बीएलओ द्वारा की गयी घोषणा अपलोड की जायेगी। 

•मतदाता अथवा संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता अथवा संबंधी का फोटो ऐप पर अपलोड किया जायेगा। 

फार्म-6

आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख तथा पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी, 2026 तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। 

फार्म-7

प्रदेश में नाम कटने के प्रकरणों को लेकर फैली भ्रांतियों का तथ्यात्मक विश्लेषणः- 

•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला एवं 84,667 पुरूष तथा 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। 

•विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की तिथि 27 अक्टूबर, 2025 से गिना जाये तो 17 फरवरी तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए, जिसमें 76,866 महिला, 1.12 लाख पुरूष तथा तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं। 

•आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 6 जनवरी, 2026 से 16 फरवरी 2026 तक प्राप्त 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है तथा 16,863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिये गये आवेदनों की संख्या मात्र 47,684 है। 

•इन संख्याओं के सापेक्ष 6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23,935 मतदाताओं के नाम विलोपित किये गये हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14,388 तथा स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किये जाने हेतु दिये गये आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5,211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किये जाने हेतु दिये गये फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4,336 है।  

•जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों की जानकारी हेतु दावा एवं आपत्ति अवधि में बूथवार प्रत्येक दिन प्राप्त फार्म-7 की संकलित सूची जिसे फार्म-10 कहा जाता है, संबंधित विधान सभा के ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है। 

जून एवं सितम्बर 2025 में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया संबंधित प्रशिक्षण से वंचित रह गये जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी 17 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी को एसआईआर प्रक्रिया विशेषकर तार्किक विसंगति में प्राप्त नोटिसों में सुनवाई तथा फार्म-6 भरने से संबंधित जानकारी पुनः स्पष्ट कर दी जाये।    

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक वैधानिक प्रक्रिया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के अनुसार संचालित होती है। आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान नागरिक द्वारा नाम जोड़ने तथा मतदाता द्वारा संशोधन अथवा किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश के नागरिकों और राजनैतिक दलों से अपील है कि तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा करें और एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करें।

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