लखनऊ : परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती पर पसमांदा मुस्लिम समाज के कार्यालय पर खिराज ए अक़ीदत पेश किया गया
परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती के शुभ अवसर पर पसमांदा मुस्लिम समाज के कार्यालय पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अनीस मंसूरी द्वारा वीर अब्दुल हमीद को खिराज ए अक़ीदत पेश किया गया।
संगठन के राष्ट्रीय अनीस मंसूरी ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद (इदरीसी) भारतीय सेना के महान सैनिक थे उन्होने 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए पाकिस्तान के 8 पेटन टैंक नष्ट किये।
वीर अब्दुल का जन्म जनपद गाज़ीपुर के ग्राम धामुपुर में 1933 में हुआ था। 10 सितंबर 1965 को देश के लिए लड़ते हुए वे शहीद हो गए देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' मरणोपरांत दिया गया था 10 सितंबर 1965 को देश के लिए लड़ते हुए वे शहीद हो गए। इनकी माँ का नाम सकीना बेगम और पिता का नाम मोहम्मद उस्मान था। उनके पिता कपड़े सिलने का दर्जी का काम करते थे। अब्दुल हमीद 27 दिसंबर 1954 को भारतीय सेना की 'ग्रेनेडियर्स' रेजिमेंट में भर्ती हुए थे ।
अनीस मंसूरी ने कहा कि आज सम्पूर्ण देश उनकी वीरता पर गर्व करता है। पसमांदा मुस्लिम समाज वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर खिराज ए अक़ीदत पेश करता है।
इस मौके पर क़ारी शफ़ीक़ आलम क़ादरी ने संयुक्त रूप से इसाल ए सवाब और बुलंद दरजात के खास दुआ की। इस मौके अबू बक्र इदरीसी,डॉ मरगूब कुरैशी, इमरान मिर्ज़ा, मौलाना इलियास मंसूरी, राम प्रकाश मौर्य, शहरे आलम कुरैशी, मोहम्मद साहिल एडवोकेट,असलम अली एडवोकेट,इम्तियाज़ अहमद एडवोकेट, विवेक सोनी व्यापारी, मो. फैसल समाजसेवी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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