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MSME और सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यों की समीक्षा

MSME और सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यों की समीक्षा 

#UPCM Yogi Adityanath ने जनपद लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

MSME और सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यों की समीक्षा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे और सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की सभी जरूरतों को पूरा किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को तकनीक आधारित नई अर्थव्यवस्था से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आईटी और आईटीईएस सेक्टर में अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएं और इसके लिए इयान रियलिटी जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया जाए।

आईटी और आईटीईएस सेक्टर से जुड़े निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। पात्र निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के लिए प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े और इस सम्बन्ध में विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।

स्टार्टअप, सेमीकण्डक्टर, डाटा सेण्टर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। अब लक्ष्य इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शीर्ष श्रेणी में स्थापित करना है। 

सेमीकण्डक्टर क्षेत्र में एक परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, जबकि 02 अन्य प्रस्तावों के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखा जाए। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेण्ट अथॉरिटी में नए लैण्ड बैंक विकसित किए जाएं: #UPCM Yogi Adityanath

#UPCM Yogi Adityanath को अवगत कराया गया कि वर्ष 2017-18 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात ₹3,862 करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹44,744 करोड़ तक पहुंच गया है। इसी अवधि में आईटी निर्यात ₹55,711 करोड़ से बढ़कर ₹82,055 करोड़ हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020 के तहत 67 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ₹15,477 करोड़ के निवेश और 1,48,710 रोजगार की सम्भावनाएं हैं। अब तक ₹430 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और मार्च, 2026 तक 25 अन्य प्रस्तावों के आगे बढ़ने की सम्भावना है।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि स्टार्टअप नीति के तहत भी निरंतर प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां ₹274 लाख की धनराशि स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए जारी की गई थी। वहीं जनवरी, 2025 तक यह मूल्य बढ़कर ₹2,600 लाख तक पहुंच गया है। आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री जी ने स्टार्टअप फण्ड के प्रभावी उपयोग और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

MSME विभाग के कार्यों की समीक्षा

#UPCM Yogi Adityanath ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए लैंड बैंक के विस्तार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्लग एण्ड प्ले मॉडल को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि की पर्याप्त और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लीज रेंटल मॉडल को रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। यह मॉडल उत्तर प्रदेश के लिए अत्यन्त उपयोगी साबित हो सकता है, इसी आधार पर विस्तृत नीति तैयार की जानी चाहिए। इस नीति का मुख्य फोकस MSME क्षेत्र पर हो, जिससे छोटे और मध्यम उद्योग बिना अतिरिक्त जटिलताओं के तुरन्त उत्पादन शुरू कर सकें

प्लग एण्ड प्ले मॉडल के अन्तर्गत औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपनी भूमि का स्वामित्व बरकरार रखते हुए उस पर तैयार औद्योगिक शेड विकसित करेंगे या सार्वजनिक निजी सहभागिता के माध्यम से निर्माण कराया जाएगा। इन शेडों को उद्योगों को पूर्वनिर्मित उपयोग योग्य परिसर के रूप में किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। 

इस मॉडल को पीपीपी की डीबीएफओटी संरचना के तहत लागू किया जा सकता है, जिसमें निजी क्षेत्र डिजाइन, निर्माण, वित्त और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि भूमि स्वामित्व और नियामकीय नियंत्रण प्राधिकरण के पास रहेगा: #UPCM Yogi Adityanath

रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज रेंटल व्यवस्था से प्राधिकरण को स्थायी आय सुनिश्चित होगी और उद्यमियों को बिना भूमि खरीद के चरणबद्ध तरीके से उद्योग विस्तार का अवसर मिलेगा। 

यह मॉडल MSME के वित्तीय जोखिम को कम करेगा और उन्हें व्यवसाय संचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करेगा। प्रस्तावित नीति में उद्योग को दीर्घकालिक स्थिरता और स्पष्टता मिले, जबकि भूमि का नियंत्रण राज्य के पास सुरक्षित रहे। 

रेवेन्यू शेयरिंग व्यवस्था सरल, पारदर्शी और औद्योगिक विकास के लिए सहायक होनी चाहिए ताकि राज्य की भूमि सम्पदा का अधिकतम और उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके: #UPCM Yogi Adityanath


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