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गोरखपुर में निर्माण/विकास कार्यों की समीक्षा

जे0ई0/ए0ई0एस0 तथा डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश 

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में निर्माण कार्यों/विकास कार्यों की समीक्षा की

जनप्रतिनिधियों को बाल वाटिकाओं का भ्रमण कराया जाए

एस0टी0पी0 का निर्माण करने वाली संस्था 10 वर्षां तक संचालन करने के प्रस्ताव भी भेजें 

जिलाधिकारी निर्माण कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक/पाक्षिक/मासिक समीक्षा करें

सभी विभाग अपने द्वारा कराए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं 

बाढ़ से बचाव के सम्बन्ध में सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं

जनपद में निर्माणाधीन पुलां के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश

भटहट, बांसस्थान, देवरिया बाईपास के निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए

लखनऊ : 24 अगस्त, 2025 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जनपद के 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों/विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने जे0ई0/ए0ई0एस0 तथा डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण एवं नगर निकायां द्वारा स्वच्छता एवं सफाई के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने बाल वाटिकाओं के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को बाल वाटिकाओं का भ्रमण कराया जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान प्राईवेट एम्बुलेन्स पर कार्यवाही करने तथा पेशेवर रक्तदाताओं भी पर सख्ती किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालयों में बच्चे अनिवार्य रूप से यूनीफॉर्म में आएं। मुख्यमंत्री जी ने अमृत योजना 2.0 के अर्न्तगत सीवर निर्माण के कार्यो की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एस0टी0पी0 का निर्माण करने वाली संस्था 10 वर्षां तक संचालन करने के प्रस्ताव भी भेजें। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी ट्रैफिक जाम की समस्या न होने पाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों के लिये नोडल अधिकारी तैनात किए जाएं। नोडल अधिकारी कार्यां की प्रगति/गुणवत्ता की नियमित जांच कर अपनी रिपोर्ट दें। जिलाधिकारी निर्माण कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक/पाक्षिक/मासिक समीक्षा करें। उन्हांने कहा कि मण्डलायुक्त मण्डल तथा जिलाधिकारी जिले में सभी विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करें। यदि किसी परियोजना के दौरान पेड़ काटे जाएं, तो उनके स्थान पर ट्रीगार्ड के साथ पेड़ अवश्य लगाए जाएं। किसी भी प्रोजेक्ट में जनता का पैसा लगता है। इसका सदुपयोग होना चाहिए। सभी विभाग अपने द्वारा कराए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं। अन्यथा की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेण्डरां को व्यवस्थित किया जाए। 

बाढ़ से बचाव की तैयारियां की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। कण्ट्रोल रूम हमेशा एक्टिव रहे। उन्हांने जनपद में निर्माणाधीन पुलां की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाकर गुणवत्ता के साथ और समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। महिला पी0ए0सी0 बटालियन के भवन निर्माण के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि मौके पर जाकर कार्य की प्रगति की जांच करें। उन्होंने विरासत गलियारा, पिपराईच तथा असुरन में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अवशेष रजिस्ट्री जल्द से जल्द पूर्ण करायी जाए। 

मुख्यमंत्री ने भटहट, बांसस्थान, देवरिया बाईपास के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने लोक निर्माण विभाग (एन0एच0), यू0पी0 राजकीय निर्माण निगम, एन0एच0ए0आई0 तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के निर्माणाधीन कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समय-सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करें। उन्होंने नौसढ़, पैडलेगंज 6-लेन, जिला जेल बाईपास, एच0एन0सिंह चौराहे से गोरखनाथ मन्दिर तक 2-लेन/4-लेन सड़क के निर्माण आदि कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिए। बैठक में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरु ग्रन्थ साहिब के 421वें प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारे में पर्यटन विभाग द्वारा किये गये विकास कार्यों का लोकार्पण किया

इतिहास में वही जाति या कौम जीवित रही, जो अपने पूर्वजों के शौर्य एवं पराक्रम का स्मरण कर उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाती : मुख्यमंत्री

सिखों की समृद्धि एवं प्रगति का कारण गुरु परम्परा के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा एवं निष्ठा

गुरु नानक देव महाराज से लेकर गुरु गोविन्द सिंह महाराज तक अनुपम एवं अद्वितीय गुरु परम्परा रही, जिसने भारत एवं भारतीयता तथा सनातन धर्म के लिए अपनी शहादत दी

सिख धर्म के अनुयायियों की भावना के अनुरुप प्रधानमंत्री ने 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रुप में आयोजित करने का फैसला किया

सिख जाति का गौरवशाली इतिहास रहा, उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि देश व धर्म के लिए जीवन जिया

लखनऊ, 24 अगस्त, 2025 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि इतिहास में वही जाति या कौम जीवित रही है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य एवं पराक्रम का स्मरण कर उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाती है। सिखों की समृद्धि एवं प्रगति का कारण गुरु परम्परा के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा एवं निष्ठा है। गुरु नानक देव महाराज से लेकर गुरु गोविन्द सिंह महाराज तक अनुपम एवं अद्वितीय गुरु परम्परा रही है, जिसने भारत एवं भारतीयता तथा सनातन धर्म के लिए बार-बार अपनी शहादत दी। जब भी सनातन धर्म पर कोई संकट आया, सिख गुरुओं ने अपना सर्वोच्च बलिदान करने में कोई संकोच नहीं किया। मुख्यमंत्री गोरखपुर में पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरु ग्रन्थ साहिब के 421वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गुरुद्वारे में पर्यटन विभाग द्वारा किये गये विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सिख धर्मानुयायियों को गुरुग्रन्थ साहिब के 421वें प्रकाश वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज बड़ा पवित्र दिन है। आज पवित्र गुरुग्रन्थ के 421वें प्रकाश पर्व पर हम सभी को सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हो रहा है। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को देश एवं दुनिया में मनाया जा रहा है। विगत दिनां मुख्यमंत्री आवास पर 350वें शहीदी वर्ष कार्यक्रम का शुभारम्भ कर दिल्ली के शीशगंज गुरुद्वारे के लिए संदेश यात्रा रवाना की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व गुरु नानक देव महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर गुरुवाणी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सिख धर्म के अनुयायियों की भावना के अनुरुप प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के रुप में आयोजित करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि जब हम एक साथ मिल कर कार्य करते हैं, तो उसके अच्छे परिणाम सामने आते हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविन्द सिंह के 04 साहिबजादों, बाबा अजीत सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह एवं बाबा जुझार सिंह ने देश और धर्म की रक्षा के लिए स्वयं का बलिदान दिया था। उन्हें कई प्रलोभन दिये गये, लेकिन उन्होंने इनकी कोई परवाह नहीं की। गुरु गोविन्द सिंह के तीसरे एवं चौथे पुत्र को औरंगजेब के सेनापति द्वारा बंदी बनाकर उनके साथ बहुत क्रूरता की गयी, फिर भी वे अपने धर्म पर अडिग रहे। कहा जाता है कि जब चौथे पुत्र को दीवार में चुना जा रहा था, तब तीसरे पुत्र की आखों में आंसू देखकर उसने पूछा कि तुम क्यां रो रहे हो, तब उसने कहा कि धरती पर पहले मैं आया, लेकिन पहले तुम जा रहे हो। मुझे इस बात पर आंसू आ रहे हैं कि गुरु और धर्म के लिए पहले मुझे जाना चाहिए था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख जाति का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि देश व धर्म के लिए जीवन जिया। हमारा भी यह धर्म बनता है कि हम ऐसे गुरुओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए कुछ कार्य करें। आज इस पावन अवसर पर गुरुद्वारे में विभिन्न सुविधाओं का शुभारम्भ किया गया है। अब यहां भी गुरुवाणी का पाठ आनंद व उत्साह के साथ आयोजित होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यहां गोरखपुर के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रत्येक सिख अनुयायी अपने धार्मिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हो पायेगा। अब यहां लंगर का कार्यक्रम अच्छे तरीके से किया जा सकेगा। गुरुद्वारे में आयोजित लंगर में बिना भेदभाव के सभी धर्म जाति के लोग सम्मिलित होते हैं। उनसे कभी भी परिचय नही पूछा जाता, यह गुरुवाणी की शिक्षा है। इसका पालन हर सिख करता है। हमें भी हमेशा इसका पालन करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 421 वर्ष पूर्व आज ही के दिन पवित्र गुरुग्रन्थ को हरमंदिर साहिब में रखकर गुरु के रुप में उसकी मान्यता को बढ़ाने का कार्य किया गया था, जिसके प्रति आज भी पूरे देश और दुनिया में श्रद्धा और सम्मान का भाव है। गोरखपुर में जटाशंकर, मोहद्दीपुर एवं पैडलेगंज स्थित तीनों बड़े गुरुद्वारों को आज अच्छे स्वरुप में परिवर्तित किया जा चुका है। यह कार्य उन गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व आदर व्यक्त करता है, जिन्होंने हमारे धर्म व देश के लिए अपना बलिदान दिया था। हम सभी को पवित्र गुरुवाणी का पालन करते हुए देश व धर्म के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, सिख समुदाय से जुड़े लोग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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