बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद बड़ा फैसला आया
रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर
14 साल बाद प्रबल हत्याकांड में इंसाफ, सातों आरोपी दोषी
बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद बड़ा फैसला आया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले के सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है, जबकि सजा का ऐलान अब 31 जुलाई को किया जाएगा। फैसले के बाद मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उनके इकलौते भाई की जिस बेरहमी से हत्या की गई, उसके लिए फांसी की सजा भी कम है।
19 दिसंबर 2012 को बिजनौर में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि इस दौरान प्रबल अग्रवाल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को गंगा में फेंक दिया था। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा।
करीब 14 साल तक चली सुनवाई के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आशीष अग्रवाल, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, निखिल, संजय गुप्ता और अनुज अग्रवाल को दोषी करार दिया। फैसला सुनते ही पुलिस ने सभी दोषियों को अदालत परिसर से ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा
"अब तो मेरा भाई नहीं रहा, उसके लिए फांसी की सजा भी कम है। हमें उम्मीद है कि अदालत दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देगी।"
फैसले के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दोनों पक्षों के अधिवक्ता और बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजर 31 जुलाई पर टिकी है, जब अदालत दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।
बाइट : प्राची मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन
बाइट: ऐडवोकेट अहमद ज़कावत

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