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बिजनौर : बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद फैसला आया

बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद बड़ा फैसला आया

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

14 साल बाद प्रबल हत्याकांड में इंसाफ, सातों आरोपी दोषी

स्लग शतरंज  रिपोर्ट शकील अहमद बिजनौर    शतरंज की क्षेत्रीय प्रतियोगिता में 17 वर्ष के बालक वर्ग में साहनपुर के ऋतिक और स्पर्श ने की बड़ी जीत दर्ज की है  वही 19 वर्ष के बालकों के वर्ग   में मोहम्मद जैद खान ने की जीत दर्ज कर अपने स्कूल  एम जी एम पी मुस्लिम इण्टर कॉलेज कीरतपुर का नाम रोशन किया है  किरतपुर के एम जी एम पी मुस्लिम इंटर कॉलेज में बालक बालिका शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है  इस शतरंज प्रतियोगिता में 14 वर्ष, 17 वर्ष और 19 वर्ष  के बालक बालिकाओं ने प्रतिभाग कर प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है  शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य मोहम्मद हारुन और उप प्रधानाचार्य निजामुलहक ने किया है  प्रतियोगिता में 17 वर्ष के बालक वर्ग में आरसीएस इंटर कॉलेज सहारनपुर नजीबाबाद की रितिक और स्पर्श ने अपनी विजय पताका फहराई है वह 19 वर्ष के बालक वर्ग में एम एम जी एमपी मुस्लिम इंटर कॉलेज किरतपुर के मोहम्मद जैद खान राजन और शहज़ेब ने जीत दर्ज कर अपने-अपने स्कूल का नाम रोशन किया है जबकि 19 वर्ष की बालिका वर्ग में एम जी एम पी एम इंटर कॉलेज किरतपुर की छात्राओं सुमैया, कशफनूर, अरहमा अदीबा ने जीत दर्ज की है  इस प्रतियोगिता के निर्णायक  मंडल में खेल प्रभारी युनुस हुसैन  और जैनेंद्र तोमर हिंदू इंटर कॉलेज किरतपुर, अरुण राजपूत आर सी एस इंटर कॉलेज साहनपुर ने अपनी सफल भूमिका निभाई है  प्रतियोगिता के सफल संचालन में अजहर महमूद, जावेद हुसैन, कपिल चौहान, मोहम्मद आलम, नावेद अहमद, ऑस्कर आलम, महफूज अहमद खान ने सहयोग प्रदान किया है इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य ने कहा है कि खेल से शरीर तो स्वस्थ होता ही है बल्कि खिलाड़ियों का मानसिक विकास भी होता है शतरंज एक मानसिक विकास, तार्किक सोच और एकाग्रता बढ़ाने वाला बहुत महत्वपूर्ण खेल है उन्होंने आगे कहा कि जिले में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है आवश्यकता उन्हें उचित मंच और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है  प्रतिभा किसी भी चीज की मोहताज नहीं होती जिस खिलाड़ी में प्रतिभा होती है उसे आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता है बस आवश्यक यह है कि खिलाड़ी सही शेड्यूल और मेहनत के साथ खेल को खेले तभी वह अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेगा इस मौके पर स्कूल के खेल के स्टाफ और खिलाड़ी मौजूद रहे है

बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद बड़ा फैसला आया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले के सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है, जबकि सजा का ऐलान अब 31 जुलाई को किया जाएगा। फैसले के बाद मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उनके इकलौते भाई की जिस बेरहमी से हत्या की गई, उसके लिए फांसी की सजा भी कम है।

19 दिसंबर 2012 को बिजनौर में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि इस दौरान प्रबल अग्रवाल के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को गंगा में फेंक दिया था। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा।

करीब 14 साल तक चली सुनवाई के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आशीष अग्रवाल, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, निखिल, संजय गुप्ता और अनुज अग्रवाल को दोषी करार दिया। फैसला सुनते ही पुलिस ने सभी दोषियों को अदालत परिसर से ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।


मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा 

"अब तो मेरा भाई नहीं रहा, उसके लिए फांसी की सजा भी कम है। हमें उम्मीद है कि अदालत दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देगी।" 

फैसले के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दोनों पक्षों के अधिवक्ता और बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजर 31 जुलाई पर टिकी है, जब अदालत दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।

बाइट : प्राची मृतक प्रबल अग्रवाल की बहन

बाइट: ऐडवोकेट अहमद ज़कावत



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