14 साल बाद इंसाफ: प्रबल हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, तत्कालीन एसपी और एसएचओ पर जांच के आदेश
रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर
बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर एक लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, इस मामले में अदालत ने उस समय तैनात रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) और थाना प्रभारी (एसएचओ) के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं।
करीब 14 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी संजय गुप्ता समेत सभी सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन के पति विनय अग्रवाल और पुत्र अपूर्व अग्रवाल भी शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 19 दिसंबर 2012 का है, जब बिजनौर में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद में प्रबल अग्रवाल के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई थी। अभियोजन के अनुसार, इस हमले में उनकी मौत हो गई और बाद में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जांच और पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने उस समय तैनात रहे तत्कालीन एसपी और एसएचओ के विरुद्ध जांच के आदेश भी दिए हैं। रिपोर्ट डीजीपी को भेजी गई हालांकि, आदेश में कार्रवाई की प्रकृति और आधार का विस्तृत विवरण संबंधित न्यायिक अभिलेखों के अनुसार स्पष्ट होगा।
करीब 14 वर्षों बाद आए इस फैसले का पीड़ित परिवार ने स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। वहीं, जिले में इस निर्णय की व्यापक चर्चा हो रही है।
बाइट: एडवोकेट अहमद ज़कावत
बाइट: प्राची मृतक की बहन
बाइट: अजीत पॉवर सरकारी एडवोकेट
प्राची मृतक प्रबल की बहन

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