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बिजनौर : विभाजन की त्रासदी को याद कर भावुक हुए लोग, 35 विभाजन पीड़ित परिवारों को किया गया सम्मानित

बिजनौर : विभाजन की त्रासदी को याद कर भावुक हुए लोग, 35 विभाजन पीड़ित परिवारों को किया गया सम्मानित 

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर, 14 अगस्त। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में भावपूर्ण एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापन और त्रासदी का दंश झेलने वाले परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और साहस को स्मरण किया गया। इस अवसर पर विभाजन पीड़ित जनपद के 35 परिवारों के परिवारजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और संघर्ष को नमन किया गया।

बिजनौर : विभाजन की त्रासदी को याद कर भावुक हुए लोग, 35 विभाजन पीड़ित परिवारों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी मोहित बेनीवाल, पूर्व सांसद कुमार भारतेंदु, पूर्व विधायक कमलेश सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान तथा जिलाधिकारी जसजीत कौर ने विभाजन पीड़ित परिवारों के परिवारजनों को शॉल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करते समय कई परिवारजन भावुक हो उठे और उन्होंने विभाजन के समय अपने परिवारों द्वारा झेली गई कठिन परिस्थितियों एवं त्रासदी के अनुभव साझा किए।

परिवारजनों ने बताया कि विभाजन के समय उन्हें अपना घर-बार, जमीन-जायदाद और वर्षों की यादें छोड़कर अनिश्चित परिस्थितियों में पलायन करना पड़ा। उस दौर में अनेक लोगों ने अपनों को खोया और कठिन संघर्षों के बीच नए स्थान पर जीवन की शुरुआत की। वक्ताओं ने कहा कि विभाजन की पीड़ा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन से जुड़ी ऐसी स्मृति है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा विस्थापित परिवारों के संघर्ष, धैर्य और साहस को स्मरण करना है। उन्होंने कहा कि इतिहास की इन घटनाओं से हमें सामाजिक एकता, भाईचारे और राष्ट्र की अखंडता को मजबूत करने की प्रेरणा मिलती है।

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि विभाजन की त्रासदी को झेलने वाले परिवारों का संघर्ष और उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इन परिवारों ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से नए जीवन की नींव रखी तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विभाजन पीड़ित परिवारों के परिवारजनों का सम्मान करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान सभागार का वातावरण भावुक हो गया, जब विभाजन पीड़ित परिवारों के कुछ सदस्यों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उस समय की कठिन परिस्थितियों और अपने परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा को याद किया। उपस्थित लोगों ने उनके अनुभवों को गंभीरता से सुना और विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का समापन विभाजन विभीषिका में पीड़ित एवं दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा सामाजिक सौहार्द, एकता और अखंडता को बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम से पूर्व प्रभावित परिवारों ने सिविल लाइंस गुरुद्वारे से विकास भवन तक मौन जुलूस भी निकाला।
















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