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उत्तर प्रदेश : 26 डॉक्टर बर्खास्त, मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन

उत्तर प्रदेश : 26 डॉक्टर बर्खास्त, मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन

ड्यूटी से गायब रहने और चिकित्सीय दायित्वों में लापरवाही पर गिरी गाज, नौ डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कहा- दायित्वों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

उत्तर प्रदेश : 26 डॉक्टर बर्खास्त, मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन

लखनऊ, 3 सितंबर : सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ड्यूटी से गायब रहने या चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आईपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इन डॉक्टरों पर कार्रवाई

बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात थे। इनमें फर्रुखाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं इटावा, रामपुर, मेरठ, बदायूं, भदोही, बलरामपुर और गौतमबुद्ध नगर में तैनात नौ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फर्रुखाबाद के कायमगंज सीएचीस के डॉ. स्वदेश कुमार, अलीगढ़ डॉ. वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर में स्त्री रोग विभाग डॉ. स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बृजेश यादव, महोबा में ईएनटी सर्जन डॉ. ईशान दीक्षित, बुलंदशहर की डॉ. स्वाती आनंद, लखनऊ सिविल हॉस्पिटल डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डॉ. मो. उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी डॉ. मनीष खन्ना, बलरामपुर डॉ. अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी जनरल सर्जन डॉ. राकेश फौजदार, मीरजापुर  जरनल सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार जायसवाल, झांसी बबीना सीएचसी की डॉ. निशा बुंदेला, गाजीपुर डॉ. अचल सिंह, बरेली के डॉ.शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रहम्हपुर पीएचसी डॉ. विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी डॉ. इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद डॉ. मोहम्मद शबाब खान, चन्दौली से डॉ. राजेश कुमार सिंह, मुरादाबाद के डॉ. मुजफर अली, मैनपुरी डॉ. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मुरादाबाद डॉ. फरयाद हुसैन, मऊ डॉ. तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डॉ. आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी डॉ. सुशील कुमार खरवार, मुजफ्फरनगर डॉ. कुंवर विक्रांत को बर्खास्त किया गया है।

विभागीय कार्रवाई के निर्देश

उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही नौ डॉक्टरों पर भारी पड़ी। डिप्टी सीएम ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ. केक चहल,  मेरठ की डॉ. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डॉ. अवधेश राठौर, भदोही के डॉ. संतोष चक, बलरामपुर के डॉ. सुमित कुमार, भदोही के डॉ.धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के अरविन्द मलिक और डॉ. असद शामिल हैं।

प्रसव के लिए छह हजार रुपये मांगने के आरोप पर डॉक्टर हटाई, ओटी अटेंडेंट बर्खास्त

वायरल वीडियो पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का एक्शन, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब

कहा- मरीजों और तीमारदारों को परेशान करने वाले नहीं बख्शे जाएंगे, होगी कार्रवाई 

लखनऊ, 3 सितंबर : बीकेटी के राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में ऑपरेशन से प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंह को अस्पताल से हटाकर माल सीएचसी भेज दिया गया, जबकि ओटी अटेंडेंट देवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। 

आरोप है कि भवानीपुर निवासी लल्ला बुधवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी धर्मी को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और ओटी में ले जाने के बाद परिजनों से छह हजार रुपये मांगे गए। रुपये देने में असमर्थता जताने पर ऑपरेशन टालने और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया।

इस पूरे प्रकरण की जांच मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश सचान करेंगे। डिप्टी सीएम ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राम सागर मिश्र हॉस्पिटल का अतिरिक्त कार्यभार इटौंजा सीएचसी की डॉ. शबा आफरीन को सौंपा गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को परेशान करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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