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उत्तर प्रदेश : मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों को देना होगा जवाब

उत्तर प्रदेश : मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों को देना होगा जवाब

मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

मतदाता सूची के समन्वय, पर्यवेक्षण, अनुश्रवण एवं गुणवत्ता नियंत्रण की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की होगी

जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईसीआई नेट पर प्रतिदिन स्वयं लॉगिन कर मतदाता सूची संबंधी कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश

फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश

मतदाता सूची संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठक करें

‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ की कोई भी कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे

https://x.com/ceoup/status/2116199183543890078

लखनऊ, 30 अक्टूबर, 2026 : विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-13कक तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जनपद में मतदाता सूची से संबंधित समस्त कार्यों के समन्वय, पर्यवेक्षण, अनुश्रवण एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होते हैं। यह जिम्मेदारी केवल निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों अथवा अधीनस्थ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी अंतिम प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की है।

वर्तमान में मतदाता सूची से संबंधित सभी कार्य ईसीआई नेट के माध्यम से संपादित किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिदिन अपने डीईओ लॉग-इन से स्वयं लॉगिन कर मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा ईसीआई नेट पर उपलब्ध सभी समीक्षा सुविधाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। किसी भी जनपद में अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरण, निष्क्रिय यूजर, अपूर्ण प्रोफाइल, त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची अथवा पर्यवेक्षण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी तथा प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर यथोचित कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रत्येक प्रकरण की प्रभावी निगरानी करते हुए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन ईसीआई नेट पर लॉगिन करें। सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारियों के प्रोफाइल में सही नाम, मोबाइल नंबर, पदनाम एवं फोटो की उपलब्धता तथा शुद्धता का सत्यापन किया जाए। साथ ही, इन अधिकारियों के अंतिम लॉगिन की भी प्रतिदिन समीक्षा की जाए।

फार्म-6, फार्म-6ए, फार्म-7 एवं फार्म-8 की प्राप्ति, लंबित प्रकरणों तथा उनके समयबद्ध निस्तारण की दैनिक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर आवेदन अथवा फार्म लंबित पाए जाने, निस्तारण में असामान्य विलंब होने अथवा लॉगिन निष्क्रिय रहने की स्थिति में तत्काल कारण ज्ञात कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।

यह भी निर्देश दिए गये हैं कि किसी भी अधिकारी द्वारा अपना लॉगिन क्रेडेंशियल, जैसे यूजर आईडी, लॉगिन पासवर्ड एवं ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न किया जाए। कोई भी फार्म-6, फार्म-6ए, फार्म-7 एवं फार्म-8 अनावश्यक रूप से ईआरओ मार्किंग, एईआरओ मार्किंग अथवा किसी अन्य स्तर पर लंबित नहीं रहना चाहिए। यदि कोई आवेदन अन्य जनपद से संबंधित है तो उसे बिना विलंब संबंधित जनपद के जिला निर्वाचन अधिकारी को अग्रेषित किया जाए। गलत ईआरओ/एईआरओ को मार्क हुए आवेदन तत्काल सही अधिकारी को री-असाइन किए जाएं तथा जिन प्रकरणों में मार्किंग नहीं हुई है, उनमें तत्काल संबंधित अधिकारी को मार्किंग सुनिश्चित की जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के मतदाता सूची संबंधी कार्यों के निष्पादन की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी सुनिश्चित कराया जाए।

मतदाता सूची एवं मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया। इसके लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं अथवा अपने द्वारा नामित किसी वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से शिकायतों के उत्तरों का नियमित सैंपल परीक्षण भी कराएं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक न होकर वास्तविक एवं संतोषजनक है। प्रत्येक लंबित प्रकरण के कारणों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी निर्धारित की जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारी शिकायतों एवं आवेदनों के निस्तारण की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करें तथा लंबित प्रकरणों की प्रगति की निगरानी करते हुए पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं आयोग के निर्देशों के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करें।

ईसीआई नेट ऐप एवं नागरिक सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in पर उपलब्ध ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं। इसके अंतर्गत नागरिकों द्वारा की गई कोई भी कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। यदि किसी बूथ लेवल अधिकारी द्वारा नागरिक की कॉल रिक्वेस्ट का समय से जवाब नहीं दिया जाता अथवा संबंधित नागरिक से संपर्क किए बिना ही Contacted या Unavailable विकल्प का चयन किया जाता है, तो ऐसे बीएलओ के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

मतदाता सूची से संबंधित प्रत्येक कार्य को विधिक प्रावधानों के अनुरूप सर्वाेच्च प्राथमिकता, पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराएं। जिला निर्वाचन अधिकारी ईसीआई नेट पर उपलब्ध आवेदनों एवं विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की नियमित रूप से स्वयं समीक्षा करें तथा कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधीनस्थ अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

https://x.com/ceoup/status/2116199183543890078

कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश : विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-127 पीलीभीत की मतदाता सूची में एक मतदाता के इपिक संख्या से किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने की शिकायत के संबंध में जनपद पीलीभीत के वर्तमान एवं पूर्ववर्ती जिला निर्वाचन अधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण

लखनऊ: 30 अक्टूबर, 2026 : पीलीभीत के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र- 127 पीलीभीत की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में दर्ज मतदाताओं के इपिक संख्या पर किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने के संबंध में करायी गयी जांच में पाया गया कि 31 मई, 2026 से 29 अगस्त, 2026 के मध्य कुल 13,779 त्रुटिपूर्ण रूप से फार्मों की प्रविष्टि की गई, जिसके सापेक्ष कुल 10,470 त्रुटिपूर्ण फार्मों को स्वीकृत किया गया है।

प्रकरण को गंभीरता के दृष्टिगत लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स, 2023 में उल्लिखित जिला निर्वाचन अधिकारियों के कर्तव्य एवं दायित्वों के दृष्टिगत जनपद पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं पूर्ववर्ती जिला निर्वाचन अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मतदाता सूची की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना जिला निर्वाचन अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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