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मरीज को करें तुरंत भर्ती, अस्पताल को रखें साफ- ब्रजेश पाठक




उपमुख्यमंत्री ने बलरामपुर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, तीमारदारों से की बातचीत, व्यवस्था में सुधार के दिए निर्देश


लखनऊ। 31 मार्च

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को बलरामपुर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें कई कमियां मिलीं। नाराजगी जाहिर करते हुए, व्यवस्था सुधार करने के निर्देश दिये। इरमजेंसी में स्ट्रेचर पर लेटे मरीज को 40 मिनट बाद भी वार्ड में शिफ्ट न किया जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। इमरजेंसी मेडिकल अफसर को तुरंत मरीज की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी।

शुक्रवार सुबह उप मुख्यमंत्री अचानक इमजरेंसी पहुँचे। कैजुअल्टी के बाहर कई मरीज स्ट्रेचर पर लेटे थे। उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल अफसर से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट न करने का कारण पूछा। जिसका जवाब डॉक्टर नहीं दे पाए। एक मरीज के इलाज संबंधी कागज देखे। जिसमें मरीज करीब साढ़े नौ बजे आया था। जिसे दस बजे के बाद भी वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा सका। इस पर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की। कहा यदि किसी मरीज को 40 मिनट बाद भी इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है तो यह चिंता का विषय है। इस कार्यशैली में सुधार लाएं।




उप मुख्यमंत्री इमरजेंसी पंजीकरण कक्ष में गये। जहां अल्मारी में चाय के जूठे कप रखे थे। इसका कारण सुपर वाइजर से पूछा। कम्प्यूटर के आस-पास भी धूल थी। तत्काल सफाई के निर्देश दिये। साथ ही तारों के मकड़जाल को दुरुस्त करने की हिदायत दी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के पहले हॉल में अंधेरा होने पर नाराजगी जाहिर की। भवन में कई हिस्सों में टाइल्स टूटे थे। पानी व बिजली की पाइप लाइन गड़बड़ थी। जिसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। 

इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. लिली सिंह से फोन पर वार्ता कर जल्द से जल्द अस्पताल की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये। इमरजेंसी के बाहर गंदगी फैली थी। नालियों की नियमित सफाई न होने पर भी उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की।


*बाहर की दवा तो नहीं लिख रहे डॉक्टर*

डॉक्टर मरीज को बाहर की दवा तो नहीं लिख रहे हैं? यदि लिख रहे हैं तो बिना डरे बताएं। उप मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी में भर्ती मरीज के तीमारदारों से कुछ ऐसे ही सवाल पूछे। जांचों के बारे में जानकारी हासिल की। तीमारदारों ने दवा व जाँच अस्पताल से लिखे जाने की बात कही। पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट व सुपर स्पेशिलिटी विभाग का भी उन्होंने निरीक्षण किया। निदेशक डॉ. रमेश गोयल, सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी को नियमित राउंड लेने व मरीजों की सुविधाओं को बेहतर करने की हिदायत दी।

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