लखनऊ : 8वीं मोहर्रम पर हज़रत अब्बास (अ.स.) की याद में निकला अलम-ए-फातेह फुरात का जुलूस
8वीं मोहर्रम पर दरिया वाली मस्जिद से निकला जुलूस, लाखों ज़ायरीनों ने की जुलूस में शिरकत
......क़त्ल-ए-हुसैन अस्ल में मर्ग-ए-यज़ीद है.....
......इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद......
जुलूस में अज़ादारों ने नौहाख्वानी, मातम और सीना ज़नी से कर्बला के शहीदों की याद ताज़ा की। पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा। विभिन्न स्थानों पर सबीलों का भी इंतज़ाम किया। सबीलों पर पानी, शरबत और खाने तकसीम किए गए.....
लखनऊ में निकला अलम ए फातेह फुरात का जुलूस
8वीं मोहर्रम पर निकला मातमी जुलूस
दरिया वाली मस्जिद से अलम के साथ निकला जुलूस
हज़रत अब्बास (अ.स.) की याद में निकला जुलूस, हुआ मातम
जुलूस में लाखों ज़ायरीनों ने की शिरकत
दरिया वाली मस्जिद से बड़ा इमामबाड़ा, रूमी गेट, नींबू पार्क होते हुए जाता है जुलूस
8वीं मोहर्रम के जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा
हर साल की तरह जुलूस के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के जवान पूरे मार्ग पर तैनात रहे, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए थे।
मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कर्बला के पैगाम पर प्रकाश डालते हुए फिर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत इंसाफ, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दी गई महान कुर्बानी का प्रतीक है।
आठवीं मोहर्रम का यह ऐतिहासिक जुलूस पूरी अकीदत, अनुशासन और ग़मगीन माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें शामिल लाखों अज़ादारों ने शहीदाने कर्बला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


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