डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर सपा पर बोला हमला
कहा....आदरणीय अखिलेश जी,
राजनीति में विचारों का उत्तर विचारों से दिया जाता है, व्यक्तिगत कटुता और असत्य आरोपों से नहीं।
डॉ. राममनोहर लोहिया परिवारवाद के सबसे बड़े विरोधियों में थे। वे स्पष्ट कहते थे कि “जो परिवार से सटेगा, वह समाज से कटेगा।” उनका यह भी मानना था कि “जब परिवार ही सबसे अधिक शक्तिशाली हो जाता है, तब समाज कमजोर हो जाता है।”
आज जो लोग लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने उनके विचारों को सबसे पहले त्यागा है। यदि आज लोहिया जी स्वयं होते, तो परिवारवाद को राजनीति का आधार बनाने वालों को सबसे पहले कठोर प्रश्नों के कटघरे में खड़ा करते। परिवार को सत्ता दिलाने की राजनीति को वे कभी स्वीकार नहीं करते।
आप आज ब्राह्मण समाज के हितैषी होने का स्वांग रच रहे हैं किंतु आपके मुख से पत्रकारों की जाति पूछकर कहना कि मिश्राजी कुछ तो शर्म करो, जैसे वाक्य समाज की छाती में बरछी की तरह आज भी चुभे हुए है जबकि आपका पूरा राजनीतिक विमर्श एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है। समाज का उत्थान किसी एक परिवार को सत्ता दिलाने से नहीं, बल्कि प्रत्येक वर्ग को समान अवसर, न्याय और सम्मान देने से होता है।
जहां तक मेरे सार्वजनिक जीवन का प्रश्न है, उसका मूल्यांकन जनता करती है। मैंने सदैव संगठन, संविधान और जनसेवा को सर्वोपरि रखा है। व्यक्तिगत आरोप, अपशब्द और दुष्प्रचार न सत्य को बदल सकते हैं और न ही जनता का विश्वास।
भारतीय जनता पार्टी की राजनीति “राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और अंत्योदय” के सिद्धांत पर आधारित है, जबकि परिवारवादी राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता को एक परिवार तक सीमित रखना है। जनता इस अंतर को भली-भांति समझती है।
लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन विचारों का उत्तर विचारों से और तथ्यों का उत्तर तथ्यों से ही दिया जाना चाहिए, न कि भ्रम, कटुता और निराधार आरोपों से।
सादर
https://x.com/i/status/2085909246185717912

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