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बिजनौर पुलिस ने हनी ट्रैप मामले में दो और अभियुक्त आसिफ और दिलशाद को गिरफ्तार किया

बिजनौर पुलिस ने हनी ट्रैप मामले में दो और अभियुक्त आसिफ और दिलशाद को गिरफ्तार किया

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर पुलिस ने आज हनी ट्रैप मामले में दो और अभियुक्त आसिफ और दिलशाद को गिरफ्तार किया एसपी गौतम राय ने बताया कि आसिफ पुत्र असगर थाना मंडावली का रहने वाला है जो फिलहाल मुरादाबाद पीएसी में है जबकि दिलशाद कस्बा झालू का रहने वाला है

बिजनौर पुलिस ने हनी ट्रैप मामले में दो और अभियुक्त आसिफ और दिलशाद को गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने संगठित हनीट्रैप और अवैध वसूली गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 2 और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बिजनौर पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। इससे पहले पुलिस इस गिरोह के सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत 5 मुख्य आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है। 

 गिरफ्तारियां

बिजनौर एसपी (क्राइम/यातायात) की देखरेख में पुलिस टीमों ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इस संगठित गिरोह से जुड़े 2 और शातिर अभियुक्तों को दबोच लिया। इनसे पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। 

हनीट्रैप गिरोह का काम करने का तरीका 

पुलिस जांच और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, यह गिरोह बहुत ही सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था: गिरोह के सदस्य पहले ऐसे रसूखदार या अमीर लोगों की पहचान करते थे जिनका कोई संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश या पारिवारिक मुकदमा चल रहा हो। कमजोरी का पता चलते ही गिरोह की महिलाओं को आगे कर पीड़ित से संपर्क कराया जाता था। झूठे मुकदमों का डर: इसके बाद पीड़ित को दुष्कर्म, छेड़छाड़ या अन्य गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी जाती थी। केस दर्ज कराने या दर्ज मुकदमे में समझौता करने   के बदले पीड़ित से लाखों रुपये ऐंठे जाते थे। 

अब तक की बड़ी कार्रवाई 

• पहले हुई गिरफ्तारियां: 7 सितंबर को शहर कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गिरोह के सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल और तीन महिलाओं (गुड्डी, कुंती व प्रीति) को गिरफ्तार किया था। 

• दर्ज मुकदमे: इस गिरोह के खिलाफ बिजनौर के अलग-अलग थानों नूरपुर, नजीबाबाद, नहटौर, किरतपुर और कोतवाली शहर में हनीट्रैप व धोखाधड़ी से जुड़े 6 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। 

• संदिग्ध भूमिका पुलिस को इस खेल में कुछ स्थानीय और निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है, जिसकी विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। 

पुलिस की टीमें गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। 

बाइट : गौतम रॉय, ए एस पी बिजनौर


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