केजीएमयू शिक्षकों को पीजीआई के समान मिलेंगे सेवानिवृत्तिकालीन लाभ
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर केजीएमयू प्रशासन को भेजे गए निर्देश
1 जनवरी 2016 के बाद 65 वर्ष की अधिवर्षिता आयु पर सेवानिवृत्त या दिवंगत शिक्षकों के मामलों में नियमानुसार मिलेगा लाभ
लखनऊ, 11 सितंबर : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के शिक्षकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। अब 65 वर्ष की अधिवर्षिता आयु पर सेवानिवृत्त होने वाले केजीएमयू शिक्षकों को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के शिक्षकों के समान सेवानिवृत्तिकालीन लाभ दिए जाएंगे। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2016 से प्रभावी मानी जाएगी।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में केजीएमयू प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने केजीएमयू के कुलसचिव को पत्र भेजकर पात्र शिक्षकों को नियमानुसार सेवानिवृत्तिकालीन लाभ प्रदान करने की व्यवस्था स्पष्ट की है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2016 के बाद 65 वर्ष की अधिवर्षिता आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को एसजीपीजीआई के शिक्षकों के समान सेवानिवृत्तिकालीन लाभ अनुमन्य होंगे। इसके साथ ही ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु हो चुकी है, उनके मामलों में भी नियमानुसार उनके परिवार को देय लाभ प्रदान किए जाएंगे।
जिन मामलों में राज्य सरकार के निर्णय के आधार पर शिक्षकों की अधिवर्षिता आयु 65 वर्ष की गई थी, लेकिन इसके लिए अलग से विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया था, वहां 65 वर्ष की आयु में सामान्य रूप से हुई सेवानिवृत्ति के आधार पर सेवानिवृत्तिकालीन लाभ अनुमन्य होंगे।
लंबे समय से लंबित था प्रकरण
इस निर्णय से केजीएमयू में लंबे समय से लंबित सेवानिवृत्तिकालीन लाभ से जुड़े मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केजीएमयू प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों तथा दिवंगत शिक्षकों के आश्रित परिवारों के मामलों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें देय सेवानिवृत्तिकालीन लाभ समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सकें।


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