बिजनौर में किसानों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का ताला तोड़कर घुसे किसान, पुलिस से नोकझोंक
रिपोर्ट शकील अहमद बिजनौर
सुनील प्रधान के नेतृत्व में प्रदर्शन, SIR में कटे नामों की निष्पक्ष जांच और मताधिकार की बहाली की मांग
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने बिजनौर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में छात्रों के समर्थन और राकेश टिकैत के आह्वान के संदर्भ में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों को प्रमुखता से उठाया।
किसानों को कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर ताला जड़ दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश कर गए। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
सुनील प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी/उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल करने और उनके मताधिकार की बहाली सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर सामने आई शिकायतों का उल्लेख करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
किसानों का कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यूनियन ने नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, शिकायतों की उचित जांच कराने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने, कलेक्ट्रेट गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश करने और पुलिस से हुई नोकझोंक ने घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया।

Post a Comment