बिजनौर : चर्चित हनी ट्रैप कांड, अब तक गैंग के खिलाफ 16 मुकदमे
रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर
बिजनौर के चर्चित हनी ट्रैप कांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पुलिस अब तक इस गैंग के खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज कर चुकी है 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल, बब्बू लंगड़ा गैंग का पुलिस पहले ही भंडाफोड़ कर चुकी हैं
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा बिजनौर थाना कोतवाली शहर के चांदपुर की चुंगी का रहने वाला है। गिरोह पिछले कई सालों से बिजनौर और अमरोहा जनपद में सक्रिय था और लोगों को झूठे दुष्कर्म / गैंगरेप के मुकदमों में फंसाकर वसूली करता था।
जांच में सामने आया है कि गिरोह आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और प्रॉपर्टी विवाद की जानकारी जुटाकर टारगेट तय करता था, फिर महिला सदस्यों के जरिए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर या कोर्ट में 156(3) के तहत परिवाद दायर कर दबाव बनाता था।
वसूली का तरीका
एसपी केके बिश्नोई की टीम की जांच के मुताबिक समझौता और मुकदमा वापस लेने के नाम पर 1 लाख से 3 लाख रुपये तक की वसूली की जाती थी। कई पीड़ितों ने इसी रेंज में रंगदारी की शिकायत की है। गैंग में शामिल युवती/महिलाओं को 20 से 30 हजार रुपये हिस्सा दिया जाता था। फर्जी उम्र दिखाकर POCSO एक्ट लगवाने के लिए फर्जी मार्कशीट तक बनवाई जाती थी, जैसा आपने बताया।
अब तक की कार्रवाई
- पहला मुकदमा 6 सितंबर को कोतवाली शहर में मोहल्ला काजीपाड़ा, कलीम कॉलोनी निवासी मोहम्मद अहसान की तहरीर पर दर्ज हुआ था कि उसे झूठे केस में फंसाकर पैसे मांगे जा रहे हैं।
- इसके बाद पुलिस ने 7 सितंबर को सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजल, गुड्डी, कुंती, प्रीति समेत 5 को गिरफ्तार किया।
- बाद में मोहम्मद आसिफ और दिलशाद की गिरफ्तारी हुई।
- नजीबाबाद पुलिस ने इसी नेटवर्क की चार महिलाएं - सायमा, अंतिमा, शहाना और सोनिया को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अब तक इस गिरोह के खिलाफ बिजनौर के कोतवाली शहर, नूरपुर, नजीबाबाद, नहटौर, किरतपुर और अमरोहा समेत 16 मुकदमे सामने आए हैं और जांच जारी है। कुछ रिपोर्ट में पीएसी जवान समेत 7 आरोपियों के जेल भेजे जाने की पुष्टि की गई है, और नए मुकदमे दर्ज होने के बाद संख्या बढ़कर 16हो गई है।
एएसपी गौतम राय के अनुसार जांच अभी जारी है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, यहां तक कि कुछ अधिवक्ताओं और स्थानीय कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शहर में चर्चा यही है कि यह अंतर-राज्यीय नेटवर्क इतने सालों तक कैसे चलता रहा, लेकिन एसपी केके बिश्नोई की टीम द्वारा बिछाए गए जाल के बाद परत-दर-परत खुलासा हो रहा है।
बाइट गौतम रॉय ए एस पी बिजनौर

Post a Comment