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बिजनौर : 15 सितंबर को जलालपुर काजी में पति-पत्नी के शव मिलने के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद

बिजनौर : 15 सितंबर को जलालपुर काजी में पति-पत्नी के शव मिलने के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद

रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर 

बिजनौर के जलालपुर काजी में 15 सितंबर को पति-पत्नी के शव मिलने के सनसनीखेज मामले में आज *आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद* पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने दंपति के चार बच्चों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया।

बिजनौर : 15 सितंबर को जलालपुर काजी में पति-पत्नी के शव मिलने के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद



क्या है मामला?

15 सितंबर को जलालपुर काजी में मेहनत-मजदूरी कर परिवार पालने वाले *देशराज और उनकी पत्नी सुषमा* के शव नदी के पास जंगल में पड़े मिले थे। परिजनों को आशंका है कि दोनों की हत्या की गई है। आज इस घटना को लगभग 17 दिन हो गए हैं।

"चंद्रशेखर ने कहा कि पुलिस कह रही है कि देशराज ने आत्महत्या की है

मेरा ये कहना है कि कोई पुरुष महिला के कपड़े पहन के आत्महत्या क्यों करेगा?" - 

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सुषमा और देशराज की मौत बहुत दर्दनाक घटना है।









उन्होंने कहा, "जिस दिन यह घटना हुई थी उसी दिन मैंने बिजनौर एसपी और मुरादाबाद मंडल के डीआईजी से बात की थी। हर पहलू पर मेरी अधिकारियों से बातचीत हुई है। मैं इन्वेस्टिगेशन के विषय पर नहीं जाना चाहता हूं, लेकिन हमारा कहना है कि निर्दोष कोई जेल न जाए और दोषी को छोड़ा न जाए। पीड़ित परिवार को इंसाफ मिले और इस मामले की फेयर जांच होनी चाहिए।"

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "कोई भी पुरुष महिला के कपड़े पहन के आत्महत्या क्यों करेगा? यह एक बड़ा सवाल है।"

सरकार पर साधा निशाना

चंद्रशेखर ने कहा, "यह परिवार पूरा उजड़ गया है। मां-बाप बच्चों के लिए भगवान होते हैं। देशराज के घर की हालत देख लीजिए। क्या यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में नहीं आता है? आज मां के घर आया हूं तो मैंने देखा है कि उनके घर पर टीन पड़ी है। मैंने इनके डॉक्यूमेंट्स मंगाए हैं और मैं इस घर को पक्का करके बनवाऊंगा। सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर हैं और धरातल पर कुछ भी नहीं है।"

उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है। खुलेआम गोलियां चल रही हैं, लोगों की हत्याएं हो रही हैं। अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। इस सरकार में कमजोर लोगों की कोई पैरवी नहीं हो रही है, लेकिन कमजोरों की पैरवी के लिए चंद्रशेखर आजाद तैयार है।"

उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, यह सरकार का फेलियर है। उन्होंने मंडावली में टीचर की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी परिवार की मांग थी कि हत्याकांड में और भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो।

अंत में उन्होंने रोजगार पर सवाल उठाते हुए कहा, "पढ़ा-लिखा नौजवान क्या रिक्शा चलाएगा? मुख्यमंत्री एक लाख लोगों को नौकरी देने की बात करते हैं, कहां हैं वो नौकरियां?"

चार बच्चों का बिखर गया परिवार

बता दें कि मृतक दंपति के चार बच्चे हैं - दो लड़कियां बड़ी हैं और दो लड़के छोटे हैं। मां-बाप की मौत के बाद बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। चंद्रशेखर ने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी में मदद का आश्वासन दिया है।


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