पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश : बिजनौर की मालन नदी उफान पर, बाढ़ जैसे हालात
Bijnor - Shakeel Ahmad
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश का असर: बिजनौर की मालन नदी उफान पर, बाढ़ जैसे हालात से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बिजनौर : पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। बिजनौर के नजीबाबाद में मालन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी का पानी बस्तियों, खेतों और सड़कों में घुस गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के चलते बिजनौर जनपद के नजीबाबाद क्षेत्र में बहने वाली मालन नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों, बस्तियों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
संतोषी माता टीला मंदिर के आसपास सड़कों पर करीब तीन से चार फीट तक पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं कई घरों में रखा खाद्यान्न और घरेलू सामान भी पानी में खराब हो गया है।
स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने, बच्चों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
Read More
# Special : पीजीआई में पहली बार धड़का नया दिल, चिकित्सा जगत में उपलब्धि
# लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा एक्शन
# Outfit से लेकर Oily Skin तक के लिए AI
# लखनऊ : चाइनीज माँझा तथा सिंथेटिक व शीशा चढ़ी नायलॉन पतंग डोरी को लेकर सख्त निर्देश
# हर मंडल में बनेगा लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर, डॉक्टरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
# AI Doctor : जियो आरोग्य AI’ से मिनटों में हेल्थ स्क्रीनिंग, AI क्लिनिक मॉडल पेश
# भारत अगले दो-तीन दशकों में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा- मुकेश अंबानी
# लखनऊ : हमारे खिलाड़ी देश-दुनिया में कर रहे प्रदेश का नाम रोशन : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
# हार्ट अटैक के मरीजों को मिल रही नई जिंदगी : ब्रजेश पाठक
उधर प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और फील्ड कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ से हुए नुकसान के बावजूद अभी तक उन्हें कोई सरकारी राहत नहीं मिली है। लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराने और नदी के बहाव में आ रही रुकावटों को हटाने की मांग की है।
बाइट: हेमंत कुमार अधिशासी अधिकारी पी. डब्लू. डी., बिजनौर

Post a Comment