बिजनौर : यूजीसी रोल बैक को लेकर करणी सेना का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में दिया धरना, यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर सरकार से पुनर्विचार की मांग
रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर
बिजनौर : यूजीसी रोल बैक के मुद्दे को लेकर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन (जनशक्ति) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप चौहान के नेतृत्व में समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरना स्थल पर आयोजित सभा में छात्र हित, शिक्षक हित, सामाजिक न्याय और उच्च शिक्षा की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उच्च शिक्षा से संबंधित मौजूदा निर्णयों और व्यवस्थाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षाविदों समेत सभी संबंधित पक्षों की राय को उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा की नीतियां व्यापक संवाद, पारदर्शिता और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने समान अवसर, आरक्षण, छात्रवृत्ति, सामाजिक न्याय और विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन के जरिए उठाई मांग
प्रदर्शन और धरने के बाद करणी सेना की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और यूजीसी अध्यक्ष के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित मौजूदा विवादित निर्णय अथवा व्यवस्था को वापस लेने तथा भविष्य में किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक संवाद और विचार-विमर्श किए जाने की मांग की गई।
धरने के दौरान सभा को संबोधित करते हुए शेर सिंह राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखी टिप्पणी की राणा ने अपने संबोधन में यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर सरकार से पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले पर विचार नहीं करती है तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आगामी चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
शेर सिंह राणा का यह बयान धरना स्थल पर उनके संबोधन का हिस्सा था। बयान में व्यक्त राजनीतिक टिप्पणी और चुनाव संबंधी दावा उनके स्वयं के वक्तव्य के रूप में सामने आया।
सभा को शेर सिंह राणा के अलावा ललित चौहान, ठाकुर रविन्द्र सिंह, आजाद प्रताप सिंह, रणपाल सिंह और योगेश प्रधान आदि ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने यूजीसी से संबंधित मुद्दे पर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से इस मामले में पुनर्विचार की मांग रखी।


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