बिजनौर : लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, धान और गन्ने की फसलों को नुकसान की आशंका
रिपोर्ट : शकील अहमद, बिजनौर
बिजनौर : जनपद बिजनौर में पिछले करीब 40 से 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम में अचानक ठंडक बढ़ गई है और सितंबर के महीने में ही लोगों को नवंबर जैसी ठंड का एहसास होने लगा है।
बारिश से पहले जिले में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
गंगा का जलस्तर सामान्य
जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर सामान्य है। कुछ गांवों में पानी पहुंचने की सूचना है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण गंगा के जलस्तर में कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति सामान्य बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों और संबंधित कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
बारिश और तेज हवा से फसलें प्रभावित
लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं का सबसे अधिक असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में धान और गन्ने की फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बाइट : उमेश प्रताप सिंह, जिलाधिकारी बिजनौर

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