बिजनौर : पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता के लिए विद्यालयों में विशेष अभियान, लगभग 4450 छात्र-छात्राएं हुए शामिल
रिपोर्ट शकील अहमद बिजनौर
बिजनौर, 30 सितंबर : माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर संजय कुमार सप्तम के मार्गदर्शन में 25 सितंबर से 01 अक्टूबर 2026 तक गांधी जयंती के अवसर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जनपद बिजनौर के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के विशेष प्रावधानों तथा विधिक परिणामों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिजनौर में अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम श्री प्रशान्त मित्तल की अध्यक्षता तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर श्रीमती स्वाति चन्द्रा के निर्देशन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री प्रशान्त मित्तल ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), 2012 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने तथा ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम जेंडर-न्यूट्रल कानून है, अर्थात इसके अंतर्गत लड़के और लड़कियां दोनों संरक्षित हैं।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वाति चन्द्रा ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों की सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज में बढ़ते बाल यौन अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित सक्षम अधिकारी को देने का आह्वान किया।
जागरूकता अभियान के अंतर्गत राजकीय हाईस्कूल, पुष्पीपुर, राजकीय हाईस्कूल पाडला, किसनपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिजनौर, मंडल इंटर कॉलेज मोहम्मदपुर देवमल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गजरौला शिव, हयातनगर सार्वजनिक इंटर कॉलेज, राजा जवाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज, बिजनौर इंटर कॉलेज, राजा हर्षवर्धन इंटर कॉलेज हल्दौर, गांधी इंटर कॉलेज बाटा सहित विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। सभी जगह कार्यक्रम में मिलाकर लगभग 4450 छात्र-छात्राएं हुए शामिल हुए।
कार्यक्रमों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम, 2012 बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न एवं पोर्नोग्राफी से संरक्षण प्रदान करने वाला विशेष कानून है। इसमें विशेष न्यायालयों की स्थापना तथा अपराधों के संबंध में विस्तृत दंड प्रावधान किए गए हैं। छात्र-छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई।





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